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एक पैर से एवरेस्ट फतह करने के बराबर है इस हिमाचली युवक की सफलता, यहां पढ़ें स्टोरी

शिलाई के नौजवान ने एक हाथ से पास किए तीन-तीन टाइपिंग टेस्ट

एक पैर से एवरेस्ट फतह करने के बराबर है इस हिमाचली युवक की सफलता, यहां पढ़ें स्टोरी

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सिरमौर। अगर किसी में कुछ कर गुजरने की ललक और कड़ी मेहनत हो तो वह आसमान से भी तारे तोड़ लाता है। चाहे फिर वो एवरेस्ट (Everest) की चोटी एक पैर से फतह करने वाली अरुणिमा सिन्हा (Arunima Sinha) हो। इनकी स्टोरी पूरे देश की खबरों की सुर्खियां बनी थी। अब हम एक ऐसे ही मेहनती नौजवान के बारे में बताने जा रहे है, जिसने एक हाथ से तीन टाइपिंग टेस्ट (Typing Test) पास किए हैं। अमूमन लोग इस टाइपिंग स्पीड को दोनों हाथों से भी नहीं निकाल पाते हैं। यह नौजवान शिलाई (Shillai) के कलोग गांव का है। इस युवक ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (Himachal Pradesh Staff Selection Commission) द्वारा विभिन्न पोस्ट कोड के तहत ली गई परीक्षा के अंतिम परिणाम में एक नहीं तीन-तीन टेस्ट पास किए है। शिलाई क्षेत्र के कलोग (kalog) गांव के विनोद कुमार (Vinod Kumar) ने एक महीने में तीन सरकारी नौकरी (Goverment Jobs) की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है। इस कामयाबी की खास बात यह है कि विनोद ने एक ही हाथ से तीन टाइपिंग टेस्ट पास किए।

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बता दें कि विनोद कुमार ने एचआरटीसी (HRTC) में लेजर कीपर, फोरेस्ट विभाग (Forest Department) में अकाउंटेंट और हिमाचल पथ परिवहन निगम में ही स्टोर कीपर (Store Keeper) की परीक्षा पास की है। जन्म से ही विनोद कुमार फकराण का दाया हाथ नहीं है। बावजूद इसके उसने तीन टाइपिंग टेस्ट पास किए है। दिव्यांग होने पर भी हौसले में कमी नहीं आने दी। इसमें कोई दो राय नहीं है कि आम युवाओं को दोनों हाथ होते हुए भी टाइपिंग टेस्ट पास करना मुश्किल होता है, वहीं विनोद कुमार ने 3.3 टाइपिंग टेस्ट एक ही हाथ से ही क्वालीफाई किए है। विनोद कालेज के समय में भी कई विषयों में प्रथम स्थान हासिल किया है। विनोद के पिता केदार सिंह मिस्त्री का काम करते है और माता शिबी देवी ग्रहिणी है। एक महीने में तीन सरकारी नौकरी में सफलता मिलने पर परिवार में खुशी का माहौल है। एक हाथ न होने के बावजूद विनोद ने बचपन से ही इसे अवसाद का कारण नहीं बनने दिया। फ़िलहाल विनोद ये तय नहीं कर पाया है कि कौन से पद का चयन कर करियर की शुरुआत करनी चाहिए या फिर बेहतरीन अवसर की तलाश जारी रखनी चाहिए।

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