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गेहूं की फसल पर पीले रतुए का कहर, Farmers हुए परेशान

गेहूं की फसल पर पीले रतुए का कहर, Farmers हुए परेशान

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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के ऊना, हमीरपुर , बिलासपुर में गेहूं की फसल पर पीले रतुए ने कहर ढहना शुरू कर दिया है। जिस कारण किसानों ( Farmers)की सैंकड़ों कनाल भूमि पर बिजाई की गई गई गेहूं की फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। किसानों ने गेहूं की फसल की बिजाई के लिए हजारों रुपये खर्च किये। लेकिन पीले रतुआ के कहर ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींचने पर मजबूर कर दिया है। वहीं कृषि विभाग ( Agriculture Department) की माने तो जल्द ही पीले रतुआ रोग से गेहूं की फसल को बचाया जायेगा।

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जाहिर है हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर लोग कृषि करके ही अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। किसान खून पसीने की कमाई के हजारों रुपये खर्च कर खेतों में फसलों की बिजाई करते हैं। किसानों ने इस बार भी गेहूं की फसल को बीजने के लिए हजारों रुपये के बीज व खाद डालकर खेतों में गेहूं की फसल की बिजाई की । लेकिन गेहूं की फसल पर पीला रतुआ ने अपना कहर बरसाना शुरू कर दिया है। जिस कारण किसानों की लाखों रुपए की फसल को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। कृषि विभाग के विशेषज्ञओं की माने तो पीला रतुआ पहाड़ों के तराई क्षेत्र में पाया जाता है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह मैदानी क्षेत्रों में भी इस रोग ने पांव पसारने शुरू कर दिये हैं। जो गेहूं की फसल को नष्ट कर देता है। मैदानी क्षेत्रों में सामान्यत गेहूं की अगेती और पिछेती फसल को ज्यादा प्रभावित करता है। जनवरी और फरवरी माह में गेहूं की फसल को पीला रतुआ रोग लगने की अधिक संभावना रहती है।

इस रोग में फफूंदी फफोले पतियों पर पड़ जाते हैं। जो कि बाद में बिखर कर अन्य पतियों को भी ग्रसित कर देते हैं। गेहूं के पत्ते पीला होना ही पीला रतुआ रोग नहीं है, इसके कई कारण हो सकते हैं। पीला रतुआ बीमारी में गेहूं के पत्तों पर पीले रंग का पाउडर बनता है इससे छूने पर हाथ पीला हो जाता है हिमाचल के निचले और गर्म क्षेत्रों में या रोग अधिक पाया जाता है। तापमान में वृद्धि के चलते गेहूं के रोग इजाफा होता रहता है। फसल के इस रोग की चपेट में आने से कोई पैदावार नहीं होती और किसानों को फसल से हाथ धोना पड़ता है। इस बीमारी के लक्षण पराए ठंडे और नमी वाले क्षेत्रों में जायदा देखने को मिलते हैं।वहीं किसानों ने सरकार से गुहार लगाई है कि इस रोग से निपटने के लिए कृषि विभाग द्वारा जागरूक किया जाए और मुफ्त में कीटनाशक का खेतों में छिड़काव किया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक हानि न उठानी पड़े।

कृषि विभाग उपनिदेशक डा कुलदीप सिंह वर्मा का कहना है कि पीला रतुआ बीमारी से निपटने के लिए विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है और बीमारी से निजात पाने के लिए दवाई छिडकाव के लिए बांट रहा है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि नजदीकी कषि केन्द्र में जाकर दवाई लेकर जल्द गेहूं की फसल में छिडकाव करे।

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