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इस मंदिर में मूर्ति को चढ़ाई जाती है बीड़ी, ये है मान्यता

भोग चढ़ाने के लिए लगती है लोगों की लाइन

इस मंदिर में मूर्ति को चढ़ाई जाती है बीड़ी, ये है मान्यता

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हमारे देश में कई मंदिर हैं और हर मंदिर का एक अपना अलग इतिहास और अपनी प्रथाएं हैं। हम सब जानते हैं कि हर एक मंदिर में भगवान की पूजा अर्चना करने के लिए लोग धूप व अगरबत्ती का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, आपको ये जानकर हैरानी होगी कि हमारे देश में एक मंदिर ऐसा भी है, जहां पर बीड़ी (Bidi) चढ़ाने के लिए लोगों की लाइन लगी रहती है।

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बता दें कि यह मंदिर बिहार के कैमूर जिले में स्थित है। ये मंदिर कैमूर जिले के पहाड़ी क्षेत्र के खुटिया इलाके में बना हुआ है। इस मंदिर में मुसहरवा बाबा (Musharwa Baba) की मूर्ति प्रतिस्थापित है। इस मंदिर में भगवान के सामने अगरबत्ती और दीयों की जगह बीड़ी जलाई जाती है। इस मंदिर में लोगों की काफी भीड़ लगी रहती है। मुसहरवा बाबा के दर्शन के बाद उन्हें बीड़ी का बंडल खोलकर सुलगाना पड़ता है और फिर चढ़ाना पड़ता है।

मान्यता है कि बीड़ी का भोग चढ़ाने से मुसहरवा बाबा खुश होते हैं और बीड़ी चढ़ाने वाले की सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। कहा जाता है कि यहां से गुजरने वाला हर यात्री मंदिर में बीड़ी का भोग जरूर चढ़ा कर जाता है।

मंदिर के पुजारी का कहना है कि यहां तक पहुंचने के लिए पहाड़ी का सफर तय करना पड़ता है। इस मंदिर में बीड़ी का बंडल लेकर आने से ही यात्रा को सफल माना जाता है। पुजारी का कहना है कि कई वर्षों से मुसहरवा बाबा को बीड़ी का भोग लगता रहा है और जो यात्री बीड़ी का भोग लगाना भूल जाते हैं वह दोबारा लौटकर आते हैं और भोग लगाकर जाते हैं।

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