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हिमाचल: इमरजेंसी होने पर संजीवनी मॉडल बचाएगा मरीज की जान, जाने कैसे
मंडी। गर्ल्स स्कूल मंडी में क्लस्टर साइंस प्रदर्शनी (Cluster Science Exhibition) में नन्हें वैज्ञानिक एक से बढ़कर एक मॉडल लेकर आए हैं। कुल्लू जिला के मिडिल स्कूल घराना का विद्यार्थी अनुज ने एक ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो इमरजेंसी (Emergency) होने पर मरीज की जान बचाने में सहायक होगा। मॉडल के अनुसार इमरजेंसी केस होने पर व्हीलचेयर पर मरीज (Patient) के बैठते ही डॉक्टरों को इसकी जानकारी मिल जाएगी।
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व्हीलचेयर में तीन बटन लगाए गए हैं। एक बटन ऑटोमेटिक डॉक्टरों को जानकारी देगा, वहीं दूसरे बटन से हार्ट अटैक और तीसरे बटन से एक्सीडेंटल केस की जानकारी डॉक्टर तक पहुंचेगी। नन्हे वैज्ञानिक अनुज ने बताया कि यह मॉडल प्री इंडिकेटर संजीवनी मॉडल (Pre Indicator Sanjivani Model) है जो डॉक्टरों को मरीज की अवस्था की जानकारी देगा। साथ ही मरीज के बेड पर ग्लूकोज व ब्लड की मात्रा कम होने पर प्री इंडिकेटर स्टैंड के माध्यम से नर्स ड्यूटी रूम में भी इसकी जानकारी पहुंचेगी।

वहीं इस मौके पर मिडिल स्कूल घराना के विज्ञान के शिक्षक जय सिंह ने संजीवनी मॉडल की विस्तृत जानकारी। उन्होंने बताया कि मॉडल के अस्पतालों (Hospital) में शुरू होने से लाखों मरीजों की जान बच सकती है। वहीं मरीज के साथ अस्पताल में आने वाले तीमारदार भी बीमार होने से बच सकते हैं। बता दें कि दो दिवसीय इस साइंस प्रदर्शनी में मंडी, कुल्लू व लाहूल स्पीति जिला से बच्चे भाग ले रहे हैं। बेहतर मॉडल प्रदर्शन करने पर अंकों के आधार पर मंडी से 7, कुल्लू से 4 व लाहूल से 1 बच्चे का चयन राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए किया जाएगा।
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