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वतन वापसी के लिए 50 साल तक भी लड़ना पड़ा तो लड़ेंगे: छेरिंग
धर्मशाला। वतन वापसी के लिए तिब्बतियों (Tibetans) को अपना संघर्ष जारी रखना है। अगर हमें अपना आंदोलन अगले 50 साल तक भी जारी रखना पड़ा तो भी हम रखेंगे। यह बात निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेम्पा छेरिंग (Pempa Chering) ने मंगलवार को यहां तिब्बती युवाओं की अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस (International Conference of Tibetan Youth) में कही।
उन्होंने कहा कि भारत सहित विश्व के 20 से अधिक देशों के तिब्बती युवा यहां पहुंचे हैं। इसके माध्यम से तिब्बती युवाओं में नेतृत्व की भावना आएगी और वे वतन वापसी के संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे। विश्व के विभिन्न देशों में रह रहे तिब्बती युवाओं ने खुद को इस कांफ्रेंस में वायलेंस फ्री तिब्बत जैसे महत्वाकांक्षी प्रोग्राम के लिए रजिस्टर करवाया है।
तिब्बती युवा तेंजिन डोंडुप ने बताया कि यूरोप, नार्थ अमेरिका, अमेरिका, आस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों में रहे तिब्बती युवाओं ने कांफ्रेंस में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। ये आज के युवा है, जो कल लीडर बनेंगे। तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा (Dalai Lama) पर तेंजिन ने कहा कि वे महान हैं और उनका सान्निध्य हमें मिल रहा है।
