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#Corona की वजह से हुआ बेरोजगार, अब सोने-चांदी के #Mask बनाकर हो रहा मालामाल

सिर्फ दिखाने के लिए नहीं, कोरोना संक्रमण को अंदर नहीं घुसने देते ये मास्क

#Corona की वजह से हुआ बेरोजगार, अब सोने-चांदी के #Mask बनाकर हो रहा मालामाल

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पिछले कई माह से बाजार में तरह-तरह के मास्क आने शुरू हुए हैं। लोग अपने-अपने हिसाब से मास्क को डिजाइन करवा रहे हैं। इसी कड़ी में तुर्की के एक शिल्पकार (Turkish craftsperson) ने सोने-चांदी के मास्क बनाने शुरू कर दिए है। शिल्पकार का मानना है कि ये मास्क सिर्फ दिखाने का नहीं है, बल्कि ये कोरोना वायरस का संक्रमण भी नहीं घुसने होगा।
तुर्की में अब मास्क को फैशन डिजाइनिंग का रूप दिया जा रहा है। शिल्पकार साबरी डेमिरसी (Sabri demirci) ने मास्क को सोने और चांदी से बनाना शुरू कर दिया है। जिसे अब बेचना भी शुरू कर दिया गया है।

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जानकारी के अनुसार इस्‍तानबुल के 43 वर्षीय शिल्पकार साबरी डेमिरसी, जो लगभग 32 वर्षों से चांदी के साथ काम कर रहे थे उन्‍हें कोरोना महामारी में अपनी दुकान बंद करनी पड़ी थी। जब साबरी घर पर बेरोजगार बैठे थे तब उन्‍हें पता चला कि चांदी में जीवाणुरोधी गुण होते हैं तभी उन्‍होंने अपने हुनर का इस्‍तेमाल करते हुए चांदी के मास्‍क बनाने का निर्णय लिया। लोगों के चेहरे का माप लेकर उसके हिसाब सोने और चांदी के चेहरे के डिजाइनर मास्‍क (Designer mask) का निर्माण किया जाता है। इस मास्‍क का वजन 25 ग्राम होता है। उन्‍होंने बताया कि हफ्ते में उनके लगभग 200 मास्‍क बिक जाते हैं। चांदी सोने के मास्‍क को मुलायम कपड़े से साफ किया जाता है। ये मास्‍क कोरोना महामारी के बाद यूजलेस होने पर बेचा जा सकता है।


डेमिरसी ने लगभग पांच महीने तक मास्क के डिजाइन पर काम किया और अब वह एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) चांदी मास्क तैयार कर रहे हैं। सिल्वर मास्क 999 फाइन सिल्वर से बना होता है, जिसका वजन 20 ग्राम (0.7 औंस) होता है और यह टीएल 1,500 के प्राइस टैग के साथ आता है। सोने के मास्‍क का वजन लगभग 25 ग्राम, टीएल 20,000 यानि 1,88,795 रुपए की कीमत के साथ आते हैं। ये मास्‍क काफी अधिक आरामदायक हो इसलिए इसमें सिल्‍क का कपड़ा इस्‍तेमाल किया जाता है। डेमिरसी ने कहा यह पहनने पर सांस लेने में भी कोई भी असुविधा नहीं होती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अब डिमांड बढ़ गई है इसलिए वो अपने वर्कर बढ़ाने की प्‍लानिंग कर रहे हैं।

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