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हिमाचलः गुम्मा रेलवे स्टेशन के पास पेड़ पर घूमते नजर आए दो तेंदुए, वन विभाग ने दी यह नसीहत
सोलन। हिमाचल (Himachal) में भीषण गर्मी और जंगलों में लगी आग से जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में चले आए हैं। हिमाचल में 24 दिनों में अभी तक 409 अग्निकांड (Fire Incident) की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, वहीं राजनधानी शिमला (Shimla) में 200 हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर राख हो चुका है। जंगली जानवरों और पक्षी का आश्रय छिन जाने से वे शहर और गांवों में पहुंच गए हैं। ऐसा एक घटनाक्रम सोलन (Solan) के परवाणू में पेश आया है। परवाणू के गुम्मा रेलवे स्टेशन (Gumma railway station) के पास पेड़ पर दो व्यस्क तेंदुए देख गए हैं। तेंदुए के देखे जाने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
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लोगों का कहना है कि ये दोनों तेंदुए (Two leopards) नर और मादा हो सकते हैं। इन तेंदुओं को सबसे पहले रेलवे स्टेशन अधीक्षक संजीव शर्मा (Railway Station Superintendent Sanjeev Sharma) ने देखा था। वह सुबह करीब छह बजे परिवार सहित सैर के लिए निकले थे। सुबह-सुबह पक्षियों की तीखी आवाज सुनकर जब उन्होंने ऊपर की तरह देखा तो उनके होश उड़ गए। पेड़ की सबसे ऊंची टहनियों पर दो तेंदुए घूम रहे थे। उन्होंने वन विभाग (Forest Department) को इसकी सूचना दी और इसके बाद रेलवे स्टेशन अधीक्षक संजीव शर्मा ने जल्दी से इनका एक वीडियो (Video) बना लिया। जब तक वन विभाग के कर्मी पहुंचते उससे पहले ही दोनों तेंदुए वहां से भाग गए। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि रेलवे ट्रैक के आसपास घूमने से बचें।
कपड़े लेने गई लड़की पर बंदरों ने किया हमला,घर की तीसरी मंजिल से कूदी
मंडी। स्थानीय शहर में बंदरों (Monkeys) का आतंक बढ़ता जा रहा है और कई बंदर लोगों को भी अपना शिकार बना चुके हैं। भ्योली में बंदरों ने 14 वर्षीय किशोरी पर उस वक्त हमला कर दिया, जब वह छत से कपड़े उठाने गई थी। इस दौरान 14 वर्षीय किशोरी बंदरों के हमले से बचने के लिए तीसरी मंजिल से कूद गई, जिससे उसकी दोनों टांगों व बाजू में चोटें आई है। घायल जोनल अस्पताल मंडी (Zonal Hospital Mandi) में उपचाराधीन है।
जोनल अस्पताल मंडी में उपचाराधीन 14 वर्षीय कृशी ने बताया कि वह छत से कपड़े लाने गई थी। इस दौरान अचानक उस पर 7-8 बंदरों ने हमला कर दिया, जिससे वह घबरा गई। कृशी ने बताया कि घबराहट में उसने तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। कृशी के परिजनों ने वन विभाग और सरकार (Government) से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। इस बारे में डीएफओ मंडी (DFO Mandi) वासुदेव डोगर ने बताया कि विभाग ने शहर में 250 बंदरों की नसबंदी करने का लक्ष्य रखा है। जल्द ही इन बंदरों की नसबंदी कर शहरवासियों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाई जाएगी।
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