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Uttarakhand: हर की पैड़ी पर ‘गंगा’ नदी का नाम बदलने की तैयारी में सरकार, वापस मिलेगी पुरानी पहचान

Uttarakhand: हर की पैड़ी पर ‘गंगा’ नदी का नाम बदलने की तैयारी में सरकार, वापस मिलेगी पुरानी पहचान

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हरिद्वार। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड (Uttarakhand) में स्थित हरिद्वार के मशहूर घाट हर की पौड़ी (Har ki Pauri) में बहने वाली गंगा नदी (Ganga River) को उसकी खोई हुई पहचान वापस मिलेगी। दरअसल, उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत की सरकार ने हर की पैड़ी पर प्रवाहित हो रही गंगा का नाम बदलकर स्क्रैप चैनल (Scrap channel) करने का एक शासनादेश कर दिया था। इससे यहां बहने वाली गंगा की जलधारा को नदी ना मानकर नहर का दर्जा दिया गया था। जिसके बाद अब सूबे की त्रिवेंद्र रावत सरकार ने शासनादेश को निरस्त करने का मन बना लिया है। बताया जा रहा है कि गंगा की नहर को प्रदेश सरकार ने गंगा की देव धारा घोषित करने का फैसला कर लिया है। इसके लिए साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।

अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने भी किया था विरोध

संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट तक जाने को तैयार है और जरूरत पड़ी तो अध्यादेश तक लाया जा सकता है। मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि हरकी पौड़ी पर गंगा की अविरल धारा बहती है, बहती थी और बहती रहेगी। सीएम ने आदेश दिए है कि जल्द ही इस कार्य को पूरा किया जाए। मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा श्रद्धा के विरुद्ध स्क्रैप चैनल वाले अध्यादेश को जल्द ही रद्द किया जाएगा और नया अध्यादेश पारित किया जाएगा। बीते शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि वर्ष 2016 का शासनादेश पलटा जाएगा और हर की पैड़ी पर प्रभावित हो रही मां गंगा के नाम को बदलकर देवधारा किया जाएगा।

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इससे पहले हरीश रावत की सरकार के फैसले के खिलाफ अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने अपने अधिवेशन में इस शासनादेश को निरस्त करने का प्रस्ताव वर्ष 2016 में पारित किया था। इस मांग पत्र को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से मई 2018 में मुलाकात की थी। मांग की कि उक्त शासनादेश शीघ्र अति शीघ्र निरस्त किया जाए।

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