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उत्तराखंड में मिला BirdFlu है कम घातक, फिर भी सावधान रहने जरूरत
देहरादून। उत्तराखंड में भी पक्षियों मे बर्ड फ्लू (Uttarakhand Bird Flu) वायरस पाया गया है, लेकिन राहत की बात यह है कि यह बर्ड फ्लू (Bird FLu) के मुख्य वायरस के कम घातक है। उत्तराखंड में मृत कौवों (Dead Crows) के सैंपल उठाए गए थे। इन सैंपल (Sample) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कौवों में मिला बर्ड फ्लू वायरस मुख्य वायरस जितना घातक (Deadly) नहीं है, लेकिन फिर भी पूरी तरह से एहतियात बरतने की जरूरत है।
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विधानसभा के सभा भवन में बर्ड फ्लू को लेकर एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। पशुपालन विभाग के अपर निदेशक केके जोशी ने बताया कि गढ़वाल मंडल में 120 कौवों और कुमाऊं मंडल में भी 250 कौवों की मौत हुई है। इनके सैंप रुद्रपुर में रखे गए हैं, जबकि कुछ सैंपल की जांच भोपाल में हुई है। इन सैंपल में बर्ड फ्लू का एच5एन8 वायरस पाया गया है। बर्ड फ्लू का यही वायरस हिमाचल में भी पाया गया था।

हरियाणा में बर्ड फ्लू का एनच5एन1 वायरस मिला है। यह वायरस बेहद खतरनाक है। हालांकि बर्ड फ्लू इंसानों को होने का खतरा कम रहता है, लेकिन फिर भी यदि यह वायरस इनसानों को हो जाए तो इससे मौत भी हो सकती है। पशुपालन विभाग के अपर निदेशक केके जोशी ने बताया कि यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुका है कि 70 डिग्री तक अंडा या चिकन पकाने से इनसान को बर्ड फ्लू नहीं होता है।
