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शिक्षा बोर्ड चेयरमैन Dr Rajesh Sharma के नए साल पर स्कूली बच्चों के लिए 5 संकल्प, जो बदल देंगे जीवन
New Year 2026 Resolution For School Children : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ राजेश शर्मा ने वर्ष 2026 के आगमन से पहले स्कूली बच्चों से सीधा संवाद बनाते हुए कहा है कि हमें याद रखना होगा कि साल की शुरुआत ही भविष्य के लिए नए दरवाजे खोलने और सफलता की राह तलाशने के लिए प्रेरित करती है। इसके लिए डॉ राजेश ने बच्चों से पांच संकल्प लेने की बात कही हैं। जिसे न्यू ईयर रेजोल्यूशन कहा जाता है, नए साल के ये संकल्प ही आगे चलकर व्यक्तित्व बनाती हैं। डाॅ राजेश ने कहा है कि हमें इस नए साल के आगमन को सिर्फ पार्टी करने भर का नहीं मानना है। इसलिए हमें आज ही कुछ संकल्प लेने हैं। जिनमें सबसे पहले ये संकल्प लेना है कि नए साल में हमें मोबाइल फोन से थोड़ी दूरी बनानी है। क्योंकि तय समय से ज़्यादा स्क्रीन देखने से नींद और आंखों पर असर पड़ता है। हमें आज ही संकल्प लेना है कि सोने से एक घंटा पहले मोबाइल साइड पर रख देंगे।
हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ राजेश शर्मा ने वर्ष 2026 पर स्कूली बच्चों से पांच संकल्प लेने की बात कही हैं। जिसे न्यू ईयर रेजोल्यूशन कहा जाता है, नए साल के ये संकल्प ही आगे चलकर व्यक्तित्व बनाती हैं।@rajanipatil_in @SukhuSukhvinde @DrRajeshHPCC @RahulGandhi @kharge pic.twitter.com/KSsJ9eKMqK
— Himachal Abhi Abhi (@himachal_abhi) December 28, 2025
ज्ञानवर्धक किताबें पढ़ने की आदत डालने पर दिया जोर
डाॅ राजेश ने कहा है कि स्कूल शिक्षा बोर्ड का चेयरमैन होने के नाते मेरा मानना है कि हमें ये संकल्प भी लेना होगा कि हम नए साल से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट अपने विषय से हटकर किताबों को पढ़ने की आदत डालेंगे। कहानी, कॉमिक या कोई ज्ञानवर्धक किताब, आप कुछ भी पढ़ सकते हैं। बोर्ड भी भी हाल ही में द विजनरी नामक किताब इस दिशा में जारी की है। इसे स्कूलों तक पहुंचाया जा रहा है। डॉ राजेश ने कहा है कि हमें ये बात भी याद रखनी होगी कि सीखने की आदत आत्मविश्वास बढ़ाती है। यह बच्चों को प्रतियोगी दुनिया के लिए तैयार करती है। बच्चों को ये संकल्प लेना होगा कि चाहे कोई नई शब्दावली हो, पेंटिंग, संगीत या खेल कुछ भी हो, कुछ न कुछ नया सीखते रहेंगे।
जंक फूड से दूरी बनानी,घर के खाने को डाइट में शामिल करना
बोर्ड चेयरमैन डॉ राजेश शर्मा ने कहा है कि हर बच्चों को नए साल पर अपनी लाइफस्टाइल को लेकर भी संकल्प लेना है। वह ये कि समय पर सोना और उठना। नींद बच्चों के दिमागी विकास के लिए उतनी ही जरूरी है जितनी पढ़ाई। इसलिए रात में सही समय पर सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत हमें एक संकल्प के रूप में लेनी है। नए साल पर अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का संकल्प लेते हुए जंक फूड से दूरी बनानी है। जंक फूड की जगह फल, सब्जी और घर का खाना अपनी डाइट में शामिल करने का संकल्प लेना है। उनका कहना है कि पेशे से मैं डॉक्टर भी हूं इसलिए हमें ये समझ लेना चाहिए कि अच्छा खान.पान हमारी इम्युनिटी और ग्रोथ के लिए ज़रूरी है।
शिष्टाचार और संस्कार को अपनाने की आदत डालनी होगी
नए साल के संकल्पों की बात करते हुए डाॅ राजेश ने आगे कहा है कि बच्चे नए साल में संकल्प लें कि रोज आउटडोर गेम्स खेलेंगे ताकि शारीरिक और सामाजिक सक्रियता बढ़ सके। आउटडोर खेल बच्चों को फिट ही नहीं, सामाजिक भी बनाती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बच्चों को रोज़ कम से कम 60 मिनट फिजिकल एक्टिविटी चाहिए। डाॅ राजेश ने कहा कि कहने को तो बहुत कुछ है लेकिन हमें सबसे महत्वपूर्ण बात को जीवन भर संकल्प के तौर पर लेना है वो ये कि धन्यवाद कहना, बड़ों का सम्मान और मदद करना। उन्होंने कहा कि ये आदतें चरित्र बनाती हैं। इसलिए हमें शिष्टाचार और संस्कार को अपनाने की आदत डालनी है।
-अमित महाजन
