Covid-19 Update

2,06,027
मामले (हिमाचल)
2,01,270
मरीज ठीक हुए
3,505
मौत
31,653,380
मामले (भारत)
198,295,012
मामले (दुनिया)
×

इलाज के लिए सिर्फ एक रुपए फीस लेते हैं ये Doctor, मिल रही कईयों की दुआ

ओडिशा के संबलपुर जिले में खोला है 'वन रुपी क्लीनिक'

इलाज के लिए सिर्फ एक रुपए फीस लेते हैं ये Doctor, मिल रही कईयों की दुआ

- Advertisement -

संबलपुर। आपने कई लोग देखे होंगे जो अपने प्रोफेशन को काफी प्यार करते हैं और इसे पैसे के लिए बल्कि धर्म समझकर करते हैं। डॉक्टरी का पेशा भी कुछ ऐसा है जिसमें कई लोग दूसरों की सेवा में सुकून ढूंढते हैं। ओडिशा के संबलपुर जिले (Sambalpur) में एक ऐसे ही डॉक्टर ने गरीबों को उपचार मुहैया कराने के लिए ‘वन रुपी क्लीनिक’ (One Rupee Clinic) खोला है। वीर सुरेंद्र साई इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च (विम्सर) के मेडिसिन विभाग में सहायक प्रोफेसर शंकर रामचंदानी ने बुरला कस्बे में यह क्लीनिक खोला है। यहां मरीजों को उपचार कराने के लिए मात्र एक रुपया शुल्क देना होगा।

यह भी पढ़ें: Valentine’s Day पर वायरल हो रही इस प्रेमी जोड़े की फोटो, लोग बोले – रिलेशनशिप ऑन ट्रैक


38 वर्षीय शंकर रामचंदानी का कहना है कि वह गरीबों और वंचितों के लिए मुफ्त में उपचार मुहैया कराने के लंबे समय से इच्छुक थे और यह क्लीनिक इसी इच्छा को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम है। चिकित्सक ने कहा, ‘मैंने विम्सर में सीनियर रेजीडेंट के तौर पर काम करना शुरू किया था और सीनियर रेजींडेट को निजी क्लीनिक (Private clinic) में उपचार की सुविधा देने की अनुमति नहीं है, इसलिए मैं उस समय ‘एक रुपया क्लीनिक आरंभ नहीं कर सका। हाल में मुझे सहायक प्रोफेसर के पद पर पदोन्नत किया गया और सहायक प्रोफेसर के तौर पर मुझे कार्य के घंटों के बाद निजी क्लीनिक में काम करने की अनुमति है, इसलिए मैंने किराए के मकान में अब अपना क्लीनिक शुरू किया है।’

रामचंदानी (Professor Shankar Ramchandani) ने कहा, ‘मैं गरीबों एवं वंचितों से एक रुपया लेता हूं, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि वे यह महसूस करें कि वे नि:शुल्क में सेवा ले रहे हैं। उन्हें लगना चाहिए कि उन्होंने अपने उपचार के लिए कुछ राशि दी हैं।’ बुरला के कच्चा मार्केट इलाके में यह क्लीनिक सुबह सात से आठ बजे तक और शाम छह बजे से सात बजे तक खुला रहेगा। रामचंदानी ने कहा कि उनकी पत्नी शिखा रामचंदानी एक दंत चिकित्सक हैं और वह भी उनकी मदद कर रही हैं। रामचंदानी ने कहा, ”मेरे दिवंगत पिता ब्रह्मानंद रामचंदानी ने मुझे नर्सिंग होम खोलने को कहा था, लेकिन इसके लिए बड़े निवेश की आवश्यकता होगी और उसमें गरीबों को एक रुपए में इलाज मुहैया कराना संभव नहीं हो पाएगा, इसलिए मैंने ‘वन रुपी क्लीनिक खोला है। रामचंदानी के इस कार्य के लिए लोग उनकी काफी तारीफ कर रहे हैं।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है