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Himachal Breaking: स्पीकर से खफा विपक्ष ने किया विधानसभा का बहिष्कार
लेखराज धरटा/ शिमला। हिमाचल विधानसभा (Himachal Vidhansabha) का मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है । विपक्ष पहले ही दिन से तीखे तेवर दिखा रहा है। आज भी विपक्ष ने अपने तेवर दिखाते हुए विधानसभा का बहिष्कार कर काले बिल्ले लगाकर बाहर ही बैठना उचित समझा।
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मतलब विपक्षी कांग्रेस (Congress) सदस्य सदन के भीतर तो गए पर विधानसभा सचिव को 19 विधायकों ने हस्ताक्षर करके एक ज्ञापन दिया है जिसके तहत कांग्रेस का आरोप है कि विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार तानाशाही तरीके से सदन का संचालन कर रहे हैं इसलिए उन्हें भारतीय संविधान के आर्टिकल 179 सी के तहत रूल 274 के जरिए हटाया जाए। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ऐसे व्यवहार कर रहे हैं। जैसे कि वह किसी दल विशेष के हो। जबकि विधानसभा की परंपरा रही है, कि हर अध्यक्ष ने सदन की गरिमा को हमेशा बनाए रखा। एक समय तो विधानसभा के अध्यक्ष ने पार्टी से दल विशेष से इस्तीफा देकर के अध्यक्ष पद का को सुशोभित किया था। लेकिन विपिन सिंह परमार लगातार लोकतांत्रिक व्यवस्था का हनन करते रहे हैं।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विधानसभा सचिव को कांग्रेस की ओर से प्रस्ताव दिया गया है जिसके तहत विपिन सिंह परमार को अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की गई है क्योंकि विपिन सिंह परमार विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर नहीं एक पार्टी के नेता के तौर पर काम कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा की उच्च परंपराएं रही है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय विधायक ने दल विशेष से इस्तीफा देकर के विधानसभा अध्यक्ष पद को सुशोभित किया था उनका कहना था कि विपिन सिंह परमार ने अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बैठकर स्वयं गर्व से कहा कि जिस विचारधारा से वह संबंध रखते हैं। उस पर उन्हें गर्व है, ना केवल उनको बल्कि प्रधानमंत्री, देश के राष्ट्रपति भी उसी विचारधारा से संबंध रखते हैं। इसलिए यह विचारधारा कोई गलत नहीं है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विपिन सिंह परमार ने कुर्सी पर बैठकर यहां तक कहा कि वह विचारधारा को नहीं छोड़ सकते हैं।
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