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गटर जेनरेशन, ना पढ़ने में अच्छी, ना घर संभाल सकतीं- कंगना के Gen Z हिंदू लड़कियों पर बिगड़े बोल
Kangana controversial statement on women:मंडी से बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रणौत बयान को लेकर फिर से चर्चा में हैं। इस बार कंगना ने सोशल मीडिया पर नई पीढ़ी की भारतीय महिलाओं और हाल ही में हुए छात्र आंदोलनों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तथाकथित पश्चिमी सोच से प्रभावित युवा महिलाओं को ‘गटर जेनरेशन’ तक करार दे दिया। कंगना ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि सबसे शर्मनाक व्यवहार उन युवा हिंदू महिलाओं का है, जो स्वतंत्र और करियर-ओरिएंटेड महिलाओं की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों से भागती हैं। कंगना के मुताबिक, “असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। वे अपने कर्मों की कीमत खुद चुकाती हैं, न कि अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर।”

‘नशे और अनगिनत संबंधों को आजादी समझना गलत’
नई पीढ़ी की सोच पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कंगना ने लिखा कि आज पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित महिलाओं की एक ऐसी पीढ़ी सामने आई है, जिसे वे ‘गटर जेनरेशन’ कहती हैं। कंगना ने आरोप लगाया कि ये महिलाएं पढ़ाई-लिखाई में अच्छी नहीं हैं और भ्रष्ट मानसिकता के कारण एक अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं। उन्होंने आगे लिखा, “वे नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वे वास्तव में आत्मनिर्भर नहीं होतीं। आजाद जीवन कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो—’गटर छाप’।”
स्टूडेंट प्रोटेस्ट और Gen Z की परवरिश पर उठाए सवाल
केवल युवा महिलाओं ही नहीं, कंगना रनोट ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में चल रहे छात्र आंदोलनों और प्रदर्शनकारियों की भाषा पर भी जमकर निशाना साधा।
परवरिश पर टिप्पणी: Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों की रील्स का जिक्र करते हुए कंगना ने कहा, “मैंने अपनी पूरी जिंदगी में इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। इन लोगों के बोलने का तरीका और भाषा देखकर घिन आती है। समझ नहीं आता कि आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कैसे हो रही है?”
संसद को बताया सही मंच: कंगना ने जोर देकर कहा कि किसी को पद से हटाने या सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन का रास्ता चुनना और जंतर-मंतर पर हुड़दंग मचाना गलत है। सार्वजनिक और जनहित के मुद्दों पर बहस के लिए संसद ही सही मंच है, न कि सड़कें।
पंकज शर्मा

