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KNH विवाद पर हंगामा: शिमला में महिलाओं ने तोड़े बैरिकेड्स, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की
KNH Gynaecology OPD controversy: शिमला के कमला नेहरू अस्पताल (KNH) से गायनी ओपीडी और वार्ड को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) में स्थानांतरित करने के फैसले के खिलाफ मंगलवार को शिमला में जनाक्रोश फूट पड़ा। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं ने टॉलैंड से राज्य सचिवालय तक उग्र विरोध मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
सचिवालय के बाहर बैरिकेड्स तोड़े, यातायात ठप
सचिवालय की ओर बढ़ रही प्रदर्शनकारी महिलाओं को रोकने के लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए थे। हालांकि, सचिवालय के बाहर माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स को हटा दिया और सड़क पर बैठकर धरना देना शुरू कर दिया। इसके चलते सर्कुलर रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
VIP के लिए तोड़ा जा रहा अस्पताल
जनवादी महिला समिति की सचिव फाल्मा चौहान ने सरकार के इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केएनएच लंबे समय से महिलाओं के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान रहा है, जहां से हजारों महिलाओं को आसानी से इलाज मिलता है। ओपीडी और वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट करने से दूर-दराज से आने वाली महिलाओं और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।फाल्मा चौहान ने कहा वीआईपी को लाभ देने और विधायकों के लिए मकान बनाने के मकसद से अस्पताल को तोड़ा जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की होनी चाहिए, ना कि बने-बनाए संस्थान को उजाड़ने की।
SFI और CITU का मिला साथ
महिलाओं के इस आंदोलन को अन्य सामाजिक व राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन मिला। प्रदर्शन में छात्र संगठन एसएफआई (SFI) और मजदूर संगठन सीटू (CITU) के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता जताई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि गायनी सेवाओं को केएनएच में ही बहाल नहीं रखा गया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
संजू चौधरी
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