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कैबिनेट गठन में भी सुक्खू ने सच में बदल दी व्यवस्था, शिमला संसदीय क्षेत्र को दिए पांच मंत्री
आरपी नेगी, शिमला। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu) ने कैबिनेट गठन में भी व्यवस्था बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिस जिला से प्रदेश की सत्ता का रास्ता निकलता है, सुक्खू सरकार में उसी जिला को ज्यादा अधिमान नहीं दिया गया है। पूर्व की सरकारों में राज्य के सबसे बड़े जिला कांगड़ा को कम से कम तीन मंत्री मिलते थे, लेकिन इस बार सुक्खू की टीम में मात्र एक ही मंत्री को अधिमान दिया गया। शायद उन्होंने सभी राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए ऐसा कदम उठाया होगा, मगर कांगड़ा संसदीय क्षेत्र की जनता को नाराज कर दिया।
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हिमाचल की सियासत में ऐसा पहली बार हुआ कि जब शिमला संसदीय क्षेत्र को पांच-पांच मंत्री मिले। इस क्षेत्र से रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह, हर्षवर्धन सिंह चौहान और धनीराम शांडिल को मंत्री की कुर्सी मिली। कांगड़ा संसदीय (Kangra) क्षेत्र से चंद्र कुमार और मंडी संसदीय क्षेत्र से जगत सिंह नेगी को मौका दिया गया। सुक्खू की ऐसी व्यवस्था के चलते पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा और पूर्व सीपीएस राजेश धर्मानी का नाम कैबिनेट लिस्ट (Cabinet List) से डिलीट कर दिया गया। संभावनाएं जताई जा रही है कि दूसरे चरण में सुधीर शर्मा और राजेश धर्मानी को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सीएम और डिप्टी सीएम
प्रदेश सरकार में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सीएम स्वयं सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री (Deputy Chief Minister Mukesh Agnihotri) ही हैं। हालांकि बड़सर विधानसभा सीट से इंद्रदत्त लखनपाल भी लगातार तीन बार चुनाव जीतकर आए हैं, लेकिन कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई।
किन्नौर जिला को पहली बार मंत्री
किन्नौर विधानसभा सीट (Kinnaur Assembly Seat) से पहली बार सरकार में मंत्री का पद मिल गया है। हालांकि पूर्व में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ठाकुर सेन नेगी और जगत सिंह नेगी को विधानसभा उपाध्यक्ष का पद मिल चुका था। इस बार यहां से सरकार में मंत्री पद मिलने पर समूचे किन्नौर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।

सबसे यंग मिनिस्टर बने विक्रमादित्य सिंह
प्रदेश सरकार में विक्रमादित्य सिंह (Vikramaditya Singh) सबसे यंग मिनिस्टर बन गए हैं। 31 साल की उम्र में उन्हें प्रदेश सरकार में बड़ी जिम्मेवारी मिल गई। जबकि धनीराम शांडिल सबसे बुजुर्ग मंत्री होंगे। वे 83 वर्ष के हैं।
सुधीर-धर्मानी का नाम लिस्ट से डिलीट
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की टीम में पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा (Sudhir Sharma) और पूर्व सीपीएस राजेश धर्मानी को जगह नहीं मिल पाई। संभावनाएं जताई जा रही है कि दूसरे चरण में होने वाले मंत्रीमंडल विस्तार के समय इन नेताओं को कैबिनेट (Cabinet) की कुर्सी मिल सकती है।
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