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बिजली विभाग के ठेकेदारों ने दी नाफरमानी की चेतावनी, बताई ये वजह
मंडी। हिमाचल में बिजली विभाग (Electricity Department) से जुड़े ठेकेदारों (Contractors) ने अपनी कुछ मांगों पर विचार किए जाने तक सरकार की नाफरमानी (Non Obedience) का ऐलान कर दिया है। बिजली ठेकेदार संघ ने सोमवार को अधिशाषी अभियंता को पेश ज्ञापन में साफ कर दिया है कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, वे बिजली विभाग का कोई काम नहीं करेंगे। सुंदरनगर में अधिशाषी अभियंता को ज्ञापन सौंपने के बाद बिजली ठेकेदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण ठाकुर और मंडी जोन के अध्यक्ष तिलक राज ने बताया कि पहले विभाग में ऑफलाइन टेंडर (Offline Tender) की सीमा पांच लाख रुपये थी। इसे घटाकर 50 हजार कर दिया गया है, जबकि लोक निर्माण और जलशक्ति विभाग में यह सीमा पांच लाख रूपये ही है।
बढ़ाने के बजाय घटा दिए आइटम रेट
पहले कास्ट डाटा के आइटम रेट (Item Rate) 10 प्रतिशत बढ़ते थे। लेकिन इतिहास में पहली बार यह रेट 45 प्रतिशत तक कम कर दिए गए हैं। मंहगाई (Inflation) दर हर वर्ष बढ़ती है। उन्होंने कहा मांगें नहीं माने से क्षुब्ध संघ ने निर्णय लिया है कि बर्फबारी के कारण लाइनों के गिरने (Tripping Of Power Lines) और ट्रांसफार्मर बंद होने की स्थिति में भी कोई भी ठेकेदार विभाग का सहयोग नहीं करेगा। संघ अब हर उपमंडल और मंडल स्तर पर मांगों को लेकर बैठक करेगा। जनवरी माह के पहले सप्ताह में सुंदरनगर में बिजली ठेकेदारों की राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन किया जाएगा।
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