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खुशखबरी: सितंबर तक बाजार में आ जाएगा बच्चों को लगने वाला कोरोना टीका
नई दिल्ली। दुनिया भर में कोरोना (Corona) ने तबाही मचाई है। पहले और दूसरे लहर में देश भर में कोरोना से लाखों लोगों की मौत हुई है। कोरोना वायरस के दंश से प्रत्येक भारतीय प्रत्यक्ष और परोक्ष रुप से प्रभावित हुआ। वहीं, कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए वैज्ञानिकों ने वैक्सीन (Vaccine) भी बना ली है। जिसके चलते संक्रमण दर को तोड़ने में काफी कामयाबी हासिल हुई है। वहीं, कोरोना की पहली व दूसरी लहर का असर बुजुर्गों और युवाओं पर हुआ था। जबिक तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की संभावना सबसे अधिक जाताई जा रही। इन सबके बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। उम्मीद जताई जा रीह है कि अगले महीने यानी सितंबर माह तक बच्चों (Children) को लगने वाली कोरोना की वैक्सीन बाजारों में आ जाएगी।
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बच्चों को लगने वाली वैक्सीन का ट्रायल जारी
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) की डायरेक्टर प्रिया अब्राहम (Priya Abraham) ने एक राहतभरी जानकारी दी है। प्रिया ने बताया कि बच्चों के लिए सितंबर तक वैक्सीन की उपलब्धता हो सकती है। साथ ही उन्होंने बताया कि देश में बच्चों पर लगने वाले पांच वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है।
एनआईवी की डायरेक्टर ने उम्मीद जताई है कि वैक्सीनों के ट्रायलों के सफल परिणाम सामने आएंगे। जिसके बाद उन्हें रेग्युलेटर्स के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सितंबर महीने के मध्य तक वैक्सीन लोगों के लिए उपलब्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोवैक्सिन का ट्रायल अंतिम फेज में है, जबकि जायडस कैडिला का ट्रायल जारी है। बता दें कि एनआईवी स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के तहत आने वाली एक बॉडी है। गौरतलब है कि जुलाई में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा था कि बच्चों का टीकाकरण जल्द शुरू किया जाएगा।
क्यों जरूरी है टीका
आपकों बता दें कि यह जरूरी नहीं है कि टीका लगाने के बाद कोरोना नहीं होगा। इसके कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है। दरअसल, टीका सिर्फ हमारे और आपके शरीर में कोरोना से लड़ने वाला एंटीबॉडी तैयार करता है। वह एक प्रकार से सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। और अस्पताल में भर्ती या बेहद गंभीर रूप से बीमार होने से बचाता है।