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हिमाचल: जनता को राहत देने की बजाए लूट रही मोदी सरकार- CPIM
हमीरपुर। लगातार बढ़ रही महंगाई के विरोध में सीपीआईएम कार्यकर्ताओं समेत लोगों ने जिला हमीरपुर के गांधी चौक पर विरोध प्रदर्शन किया। जाहिर है कि इन दिनों महंगाई से हर तबका परेशान है। खाद्य वस्तुओं के दामों में भी काफी वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में गरीब व मध्यम वर्ग के लिए गुजारा मुश्किल हो गया है। इसी महंगाई के मुद्दे को लेकर सीटू नेताओं ने संबोधित किया।
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सीपीआईएम के जिला सचिव जोगिंद्र सिंह ने कहा कि जिस तरह से महंगाई बढ़ी है, उससे आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। दो वक्त की रोटी मुहैया होना मुश्किल हो गई है। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में मोदी सरकार आई है तब से महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह आर्टिफिशियल महंगाई है, इसका पैदावार से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि जब पीएम मोदी ने सरकार संभाली थी उस समय डीजल पर 2.30 और पैट्रोल पर 3 रुपये एक्ससाइज ड्यूटी थी। उन्होंने कहा कि अब डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 32 रुपये और पैट्रोल पर 33 रुपये के आस-पास पहुंच गई है। इसी वजह से डीजल व पैट्रोल की कीमतों में वृद्धि हुई है और हर चीज महंगी हो गई है। उन्होंने कहा कि हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी कटौती हुई है उसके बावजूद सरकार ने जनता को राहत देने की बजाए लूटने का काम किया है। जोगिंद्र सिंह ने कहा कि सरकार पहले आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सरकार 24 वस्तुओं के मूल्य का निर्धारण स्वयं तय करती थी। अब सरकार ने इन वस्तुओं को अधिनियम से धीरे-धीरे बाहर किया है और अब इनका निर्धारण करने काम कंपनियों को सौंप दिया है। वहीं, कंपनियां मर्जी से दाम तय करती हैं, जो किसान अन्न पैदा करता है, उसे पैदावार का उचित दाम नहीं मिल पाता है।
मंडी में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ लगाए नारे
मंडी। देश व प्रदेश में लगातार बढ़ रही महंगाई के विरोंध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की सदर लोकल कमेटी ने मंडी शहर के सेरी चांदनी में धरना प्रदर्शन किया। वीरवार को किए गए धरने प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कंेद्र व प्रदेश की सरकारों के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनुसार पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और अन्य खाद्य की कीमतें जिस रूप में बढ़ रही हैं उससे आम जनता का जीवन यापन मुश्किल हो गया है। माकपा का मानना है कि हालही में पेट्रोल और डीजल के दामों में की गई कटौती नाकाफी है, यदि सरकारें आम जनता को राहत देना चाहती हैं तो पेट्रोल और डीजल में लगाई जा रही एक्साइज ड्यूटी के साथ जितने भी प्रकार के कर लगाए जा रहे हैं उन्हें खत्म किया जाए। इसके साथ ही रसोई गैस के दामो में भी कटौती की जाए और पहले की तरह सब्सिडी दी जाए, ताकि आम जनता को राहत मिले। इस मौके पर मंडी सदर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव सुरेश सरवाल ने कहा कि आज महंगाई चरम पर पहुंच गई हैं, सब्जियां भी 60 रुपये से ज्यादा प्रति किलो है और दालें भी महंगी है, खाने का तेल और रसोई गैस का सिलेंडर भी 1100 रुपये के आसपास पहुंच चुका है। पार्टी ने मांग उठाई है कि जनता को राहत देने के लिए महंगाई और कम करने के लिए सरकार कदम उठाए।
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