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डंगे में लापरवाही: अधिशाषी अभियंता ने मांगी माफी, हाईकोर्ट ने रद्द किया निलंबन
शिमला। अधिशाषी अभियंता की ओर से माफी मांगने के बाद हाईकोर्ट (Himachal High Court ) ने उसके निलंबित करने के आदेशों को वापिस लिया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने अधिशाषी अभियंता को आदेश दिए कि वह रिहायशी मकान (Residence) के लिए सभी उपचारात्मक कदम उठाएं और अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश करें। मामले पर आगामी सुनवाई 14 सितंबर को निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ता के मकान को सुरक्षा न देने पर अदालत ने गत 3 अगस्त को धर्मपुर (Dharmapur) के लोनिवि खंड के अधिशाषी अभियंता को तुरंत प्रभाव से निलंबित (Suspension) करने के आदेश दिए थे। इन आदेशों को वापिस करने के लिए अधिशाषी अभियंता ने माफी के साथ आवेदन किया था।
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यह है पूरा मामला
याचिकाकर्ता शशिकांत ने आरोप लगाया है कि धर्मपुर तहसील के अंतर्गत आईटीआई बरोटी के भवन के लिए लापरवाही से डंगा दिया गया है। इस डंगे का निर्माण यूनीप्रो कंपनी ने लोक निर्माण विभाग की निगरानी में किया है। अदालत को बताया गया कि 12 मार्च 2023 को स्थानीय ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया कि आईटीआई बरोटी भवन (IIT Baroti) का डंगा लापरवाही से लगाया गया है। डंगा गिरने की स्थिति में याचिकाकर्ता के मकान को भारी नुकसान पहुंच सकता है। 10 अप्रैल 2023 को याचिकाकर्ता ने लोक निर्माण विभाग को आवेदन किया कि आईटीआई का डंगा गिरने की कागार पर है और इसके लिए उपचारात्मक कदम उठाने की तुरंत आवश्यकता है। 26 मई 2023 को राजस्व विभाग ने रिपोर्ट दी कि डंगा गिरने की स्थिति में है और इससे याचिकाकर्ता के मकान को खतरा है।
