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विवादित बयानों के लिए मशहूर है यहां के एमएलए
परिसीमन के बाद 2008 में अस्तित्व में आई हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला (Chamba Distt) की चुराह विधानसभा सीट पर 2012 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला होता आया है। चुराह विधानसभा सीट (Churah Assembly Seat) पिछले दोनों चुनावों से बीजेपी के कब्जे में रही है। वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई ये सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इससे पहले ये क्षेत्र राजनगर निर्वाचन क्षेत्र में आता था। इस सीट पर पहली बार 2012 में विधानसभा चुनाव हुआ था। उस चुनाव में बीजेपी के हंसराज ने जीत हासिल की थी। इसके बाद 2017 में भी हंसराज ने दोबारा जीत दर्ज करवाई। हंसराज (Hansraj) दूसरी बार जीते तो उन्हें विधानसभा का डिप्टी स्पीकर बनाया गया। इससे पहले जब ये सीट राजनगर क्षेत्र के तहत आती थी तो यहां से 2007 और 2003 में कांग्रेस के सुरेंद्र विधायक चुने गए थे।
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परिसीमन (Delimitation) के बाद 2008 में अस्तित्व में आई इस विधानसभा सीट पर 2012 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला देखने को मिला। हालांकि इस चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार हंसराज ने कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेंद्र को पराजित कर जीत हासिल की थी। हंसराज को 24,978 वोट मिले थे, जबकि सुरेंद्र को 22,767 वोट से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद बीजेपी उम्मीदवार हंसराज ने 2017 के चुनाव में दोबारा जीत हासिल की और कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र को पराजित किया। इस चुनाव में हंसराज को 28,293 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 23349 वोट मिले।
2008 में परिसीमन से पहले चुराह क्षेत्र राजनगर निर्वाचन क्षेत्र में आता था। वर्ष 2003 और 2007 में यहां से कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र (Congress Candidate Surendra) ही विधायक बने थे। वर्ष 1998 में एक बार यहां बीजेपी के मोहन लाल चुनाव जीते थे, उससे पहले यह कांग्रेस के खाते में थी। चुराह विधानसभा क्षेत्र बेहद पिछड़ा माना जाता है। जातीय समीकरण की बात करें तो यहां अनुसूचित जाति के वोटरों का सर्वाधिक प्रभाव रहता है, जो कि करीब-करीब 26 प्रतिशत हैं। इसके अलावा 9 प्रतिशत मुस्लिम, 5 प्रतिशत गुर्जर मतदाता भी चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं। यहां कुल मतदाता 72658 हैं, इसमें पुरुष 36970, महिला मतदाताओं की संख्या 35688 है, यहां कोई थर्ड जेंडर मतदाता नहीं है।
वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में प्रदेश भर में बीजेपी का दबदबा रहा था। हिमाचल प्रदेश की कुल 68 सीटों में से 44 सीटों पर जीत दर्ज कर जयराम के नेतृत्व में बीजेपी ने सरकार बनाई थी। जबकि कांग्रेस महज 21 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी थी, 3 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए थे। अब हिमाचल प्रदेश विधानसभा 2022 (Himachal Pradesh Vidhan Sabha Election 2022) के लिए चुनाव होने जा रहे हैं,देखना है इस मर्तबा चुराह में क्या रहता है। लेकिन एक बात जरूर है कि बीजेपी के हंसराज बीते पांच वर्षों में विवादित चेहरे के तौर पर गिने गए हैं। एक नहीं कई मर्तबा उन्होंने विवादित टिप्पणियां कर,प्रदेशभर में बहस को जन्म दिया है।

