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HPBOSE ने बदला परीक्षाओं का पैटर्नः प्रश्नपत्रों में बड़ा बदलाव, अप्रैल अंत तक परिणाम निकालने की तैयारी
HPBOSE: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने आज प्रदेश के लाखों छात्रों और अभिभावकों के इंतज़ार को समाप्त करते हुए वार्षिक परीक्षा-2026 के शेड्यूल की घोषणा कर दी है। डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि 10वीं और 12वीं कक्षा की नियमित और राज्य मुक्त विद्यालय (SOS) की परीक्षाएं 3 मार्च से एक साथ शुरू होंगी। इस बार बोर्ड ने न केवल समय पर परीक्षाएं करवाने का निर्णय लिया है, बल्कि छात्र हित में प्रश्नपत्रों की रूपरेखा में भी ऐतिहासिक बदलाव किए हैं।
प्रश्नों का क्रम बदला जाएगा
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि पिछले कई वर्षों से छात्रों और शिक्षकों के बीच प्रश्नपत्रों की सीरीज (A, B, C) को लेकर असंतोष रहता था। छात्रों का तर्क था कि किसी सीरीज में प्रश्न बहुत कठिन होते हैं तो किसी में सरल। इस समस्या को जड़ से खत्म करते हुए बोर्ड ने निर्णय लिया है कि अब तीनों सीरीज में प्रश्न बिल्कुल एक समान होंगे। अंतर केवल इतना होगा कि प्रश्नों का क्रम बदला जाएगा (Question Shuffling)। इससे न केवल मूल्यांकन में निष्पक्षता आएगी, बल्कि मेरिट सूची की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्रों को जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु बोर्ड ने प्रश्नपत्र के प्रारूप को आधुनिक बनाया है।
मॉडल प्रश्नपत्र और विस्तृत क्वेश्चन बैंक उपलब्ध कराए
डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि इस बार कुल अंकों का 20 प्रतिशत हिस्सा बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) पर आधारित होगा। इसके अलावा, छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर मॉडल प्रश्नपत्र और विस्तृत क्वेश्चन बैंक उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि छात्र परीक्षा के बदले हुए स्वरूप से पहले ही परिचित हो सकें।
शिक्षा बोर्ड ने इस वर्ष रिकॉर्ड समय में परीक्षा परिणाम घोषित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। डॉ. राजेश शर्मा के अनुसार, मूल्यांकन कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा करने के लिए विशेष केंद्रों का गठन किया जाएगा। बोर्ड का प्रयास है कि 30 अप्रैल 2026 तक परिणाम घोषित कर दिए जाएं, ताकि छात्रों को कॉलेज में प्रवेश लेने या राष्ट्रीय स्तर की अन्य परीक्षाओं की काउंसलिंग में किसी देरी का सामना न करना पड़े।
नकल पर नकेल और केंद्रों की निगरानी
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए बोर्ड इस बार तकनीक का सहारा ले रहा है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के माध्यम से धर्मशाला मुख्यालय से सीधी निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों के लिए विशेष फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए गए हैं। डॉ. शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी केंद्र पर सामूहिक नकल या अव्यवस्था पाई गई, तो उस केंद्र की परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ संबंधित स्टाफ पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रैक्टिकल और रोल नंबर की जानकारी
मुख्य परीक्षाओं से पहले होने वाली प्रैक्टिकल परीक्षाएं 20 से 28 फरवरी के बीच आयोजित होंगी। बोर्ड जल्द ही सभी स्कूलों को रोल नंबर और प्रवेश पत्र (Admit Cards) ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करवा देगा। छात्रों को परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले पहुंचना अनिवार्य होगा, ताकि सुरक्षा जांच और सीटिंग अरेंजमेंट समय पर पूरा हो सके।
बोर्ड अध्यक्ष की अपील
प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर राजेश शर्मा ने छात्रों अविभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि इस परीक्षा महापर्व को सब मिलकर सफल बनाने के लिए सहयोग करें और इस बार नकल मुक्त परीक्षाएं करवाई जाने को संकल्प लें।
अमित महाजन
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