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मैदान पर दबदबा, मंच से दूरी: कोच बोले- “हम चैंपियन हैं, इतना ही काफी”, भारतीय महिला टीम के ट्रॉफी ना लेने की वजह जानें
Indian Women’s Cricket Team: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 72 रन से रौंदकर 8वीं बार ACC वूमेन्स एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में मिली इस धमाकेदार जीत से भारत ने 2024 के फाइनल में श्रीलंका से मिली हार का हिसाब तो चुकता कर लिया, लेकिन मुकाबले के बाद मैदान पर हुआ घटनाक्रम खेल से ज्यादा चर्चा में आ गया।
प्रेजेंटेशन सेरेमनी का बहिष्कार
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में मैच खत्म होने के 40 मिनट बाद जब प्रेजेंटेशन सेरेमनी शुरू हुई, तो मंच पर सिर्फ श्रीलंकाई टीम ही नजर आई। श्रीलंका की कप्तान चामारी अटापट्टू को रनर-अप मेडल दिए गए और उनका इंटरव्यू हुआ। लेकिन पूरी सेरेमनी के दौरान भारतीय टीम का कोई भी खिलाड़ी या अधिकारी मंच के आसपास नहीं भटका। आखिरकार, विजेता को दी जाने वाली मुख्य ट्रॉफी के बिना ही प्रेजेंटेशन खत्म कर दिया गया।
ड्रेसिंग रूम में जश्न, BCCI का फैसला
मैच के तुरंत बाद भारतीय खिलाड़ियों ने BCCI सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के साथ निजी तौर पर जीत का जश्न मनाया और सीधे ड्रेसिंग रूम में चली गईं। टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का था। मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा यह स्टैंड BCCI ने लिया है और पूरी टीम इसके साथ है। हमारे लिए यह टूर्नामेंट खत्म हो चुका है, हम चैंपियन हैं और हमारे लिए यही मायने रखता है। स्टेडियम के बड़े बोर्ड पर भी भारत को चैंपियन लिखा गया है। ट्रॉफी कब मिलेगी, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। अब हमारा पूरा ध्यान आने वाले एशियन गेम्स पर है।
विवाद के पीछे ACC चीफ और पाकिस्तान कनेक्शन
यह पूरा घटनाक्रम 2025 के मेन्स एशिया कप की याद दिलाता है, जब भारतीय पुरुष टीम ने भी ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। इस विवाद की मुख्य वजह एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चीफ मोहसिन नकवी हैं, जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन होने के साथ-साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं। भारत सरकार और BCCI के कड़े रुख के चलते भारतीय टीम ने नकवी या ACC के आधिकारिक मंच से ट्रॉफी स्वीकार न करने का फैसला लिया।मैदान पर श्रीलंका से 2024 का बदला लेकर चैंपियन बनी भारतीय टीम ने साफ कर दिया है कि उसके लिए खेल का प्रदर्शन सबसे ऊपर है, लेकिन बोर्ड के नीतिगत फैसलों पर कोई समझौता नहीं होगा।
पंकज शर्मा
