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पिता की जमीन पर गुंडों का राज, इंजीनियर से ऐसे सुपर कॉप बने आईपीएस नवनीत सिकेरा
एक मिडिल क्लास किसान परिवार में पढ़े नवनीत सिकेरा के आईपीएस (IPS) बनने की कहानी भी किसी फिल्म स्टोरी की तरह ही है। पिता की जमीन पर कुछ गुंडों ने कब्जा कर लिया था। नवनीत तब इंजीनियरिंग (Engineering) की पढ़ाई कर रहे थे। कब्जे छुड़वाने के लिए पिता के साथ वह पुलिस स्टेशन गए थे। पुलिस अफसर ने दोनों को बहुत जलील किया और इस तरह एक जांबाज आईपीएस बनने की शुरू हुई स्टोरी। आपने एमएक्स पर भौकाल-2 देखी होगी। अपनी दिलचस्प कहानी और एक्टर्स की शानदार परफ़ॉर्मेंस के चलते इसे फ़ैन्स का जमकर प्यार मिल रहा है। इस वेब सीरीज (Web Series) में मोहित रैना ने इन्हीं नवीन सिकेरा का क़िरदार निभाया है। मगर हम आज आपको यूपी पुलिस (UP Police) के उस आईपीएस ऑफ़िसर और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट (Encounter Specialist) नवनीत सिकेरा की कहानी बताएंगे, जिनकी ज़िंदगी पर ये सीरीज़ बेस्ड है।
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कौन हैं आईपीएस नवनीत सिकेरा
आईपीएस नवनीत सिकेरा (IPS Navneet Sekera) उत्तर प्रदेश कैडर के 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में काम कर रहे हैं। साल 1971 में इनका जन्म एटा जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। एक मिडिल क्लास किसान परिवार में पले.बढ़े थे। एक छोटे से हिंदी मीडियम स्कूल में पढ़ाई की। मगर उनका रूझान हमेशा पढ़ाई में रहा।

अंग्रेज़ी बनी राह का रोढ़ा, मगर सिकेरा ने हौसला न छोड़ा
12वीं के बाद नवनीत सिकेरा दिल्ली (Delhi) पढ़ने गए। वो हंसराज कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते थे। मगर उन्हें फ़ॉर्म तक नहीं मिला। वजह थी कि उन्हें अंग्रेज़ी नहीं आती थी और एक क्लर्क ने सबके आगे उन्हें वहां से जाने को बोल दिया। उसने जेब से 2 रुपए निकाले और कहा बस पकड़कर घर चले जाओ। इस बात से उन्हें काफ़ी तकलीफ़ पहुंची, मगर उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने किताबें ख़रीदी और देश के सबसे मुश्किल एग्ज़ामों में से एक आईआईटी क्रैक कर दिया। आईआईटी रूढ़की (IIT Roorkee) में उनका एडमिशन हो गया। यहां उन्होंने सॉफ़्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। कॉलेज के दौरान ही उन्होंने अपनी पर्सनैलिटी पर भी काम किया।

कैसे एक इंजीनियर बन गया आईपीएस
नवनीत सिकेरा का परिवार मिडिल क्लास (Middle Class) ही था। किसी तरह उन्हें पढ़ाया गया। मगर इंजीनियरिंग के बाद कुछ ऐसा हुआ, जिसने एक इंजीनियर लड़के को देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरी में आने के लिए प्रेरित कर दिया। दरअसल, उनके पिता ने अपनी जमा-पूंजी से एक ज़मीन ख़रीदी थी, जिस पर कुछ गुंडों ने कब्ज़ा कर लिया। नवनीत इंजीनियरिंग कर घर आ चुके थे, तो वो अपने पिता को लेकर पुलिस स्टेशन (Police Station) गए। वहां एक बड़ा पुलिस अफ़सर मौजूद था। उन्होंने अपनी परेशानी बताई, मगर पुलिसवाले ने मदद करने की जगह उन्हें ज़लील करना शुरू कर दिया। ज़मीन के पेपर उनके मुंह पर मार दिए। उनके पिता ने कहा कि आप हमारे साथ इस तरह व्यवहार नहीं कर सकते। ये मेरा बेटा है, इंजीनियरिंग पढ़ा है। उस पुलिस वाले ने जवाब दिया कि ऐसे इंजीनियर बहुत मारे.मारे फिरते हैं। इस घटना ने सिकेरा को काफ़ी अंदर तक हिला दिया। उन्होंने एमटेक करने का ख़्याल छोड़ दिया और भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी में जुट गए। उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और आईएएस में सेलेक्ट हो गए। मगर उन्होंने कलेक्टर बनने की जगह आईपीएस को चुना।

एसएसपी बनकर पहुंचे मुज़फ़्फ़रनगर
आईपीएस नवनीत सिकेरा की शुरुआती पोस्टिंग कई दूसरी जगहों पर रहीं। मगर जब वो मुज़फ़्फ़रनगर (Muzaffarnagar) पहुंते, तो यहां का सीन बिल्कुल अलग था। उस वक़्त ये शहर अपने अपराधों के लिए कुख़्यात था। दो.तीन गैंग्स ने मिलकर लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। अपहरण, बलात्कार, हत्या जैसे अपराध आम बात थी। ऐसी जगह पर जब सिकेरा पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले अपनी एक टीम तैयार की और फिर अपराध और अपराधी दोनों का ख़त्म करना शुरू किया। यहीं से आईपीएस नवनीत सिकेरा का सुपर कॉप (Super Cop) बनने का सफ़र भी शुरू हो गया। कहते हैं कि उस वक़्त आईपीएस नवनीत ने 40 से ज़्यादा एनकाउंटर किए थे। उसके बाद उनकी पोस्टिंग मेरठ में हुई, तो उन्होंने वहां भी अपराधियों को नकेल कसना जारी रखा। लोगों के बीच वो काफ़ी पॉपुलर हो गए थे। बताते हैं कि जब मेरठ से नवनीत सिकेरा की पोस्टिंग हुई, तो आम लोगों ने उनके पोस्टर लगा दिए कि उन्हें वापस शहर में लाया जाए।

उसके बाद वो लखनऊ आए और उनके कुख़्यात अपराधियों की गिरफ़्तारी और एनकाउंटर का सिलिसिला जारी रहा। गैंगेस्टर रमेश कालिया के एनकाउंटर सबसे ज़्यादा चर्चित रहा, जिसमें पुलिस उसे मारने के लिए बारातियों का भेष बनाकर पहुंची थी। अब तक वो क़रीब 60 एनकाउंटर कर चुके हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यूपी में वीमेन पावर हेल्पलाइन 1090 की पहल भी नवनीत सिकेरा की ही थी। आईपीएस नवनीत सिकेरा कहते हैं कि उन्होंने हो सकता हो कि अपने करियर में कुछ ग़लतियां की हों, मगर कभी किसी के साथ ग़लत नहीं किया, कोई अनैतिक काम नहीं किया।
