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हिमाचल: गूंगा परिवार के सामने बहरी सरकार, कौन सुनेगा इनकी फरियाद

कई सरकारी योजनाओं से अछूता है कांगड़ा का दिव्यांग परिवार

हिमाचल: गूंगा परिवार के सामने बहरी सरकार, कौन सुनेगा इनकी फरियाद

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धर्मशाला। सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Cabinet Minister Piyush Goyal) के हिमाचल दौरे पर बीते शनिवार को जबरदस्त खातिरदारी की। कहीं कोई कोर कसर बांकी ना रहे, इसे लेकर भव्य आयोजन भी किया गया। गरीबों को मिलने वाले अन्न योजना को लेकर कर्ज में डूबी जयराम सरकार (Jairam Government) ने समारोह किया। इसमें मंत्री और संतरी ने केंद्रीय मंत्री को बीते चार बरस की कामयाबी दिखाई। बहरहाल, कार्यक्रम के जरिए जिस तबके के उद्धार की बात सरकार कर रही थी, वह जमीन पर होता दिख नहीं रहा है।

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बुनियादी सुविधाओं से दूर है दिव्यांग परिवार

दरअसल, कांगड़ा जिले (Kangra District) का एक विकलांगता से ग्रसित एक परिवार आज बुनियादी सुविधाओं और कई सरकारी योजनाओं से वंचित है। कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी की गुमर पंचायत का है। इस पंचायत में एक परिवार ऐसा है, जिसके 4 सदस्य में 3 गूंगे हैं। जबकि एक बोल सकता है। दिव्यांग परिवार के सदस्य अनिक का कहा है कि मेरी किस्मत में दुखों के आलावा और कुछ नहीं लिखा है।

चार लोगों के परिवार में सिर्फ एक कमाने वाला

अनिक ने कहा कि मेरे पिता अमन कुमार उम्र 53 वर्ष, माता वीना देवी 48 वर्ष के अलावा छोटा भाई आयुष उम्र 22 वर्ष ना तो बोल सकता और ना सुन सकता है। अनिक ने कहा कि वह मेहनत मजदूरी करके अपने माता, पिता और छोटे भाई का पालन पोषण करते हैं, लेकिन ना तो पंचायत स्तर पर ओर ना ही सरकार की ओर से उनकी कोई आर्थिक सहायता की गई है। वे आज भी क्षतिग्रस्त मकान में अपना गुजर बसर कर रहे हैं। वहीं, अनिक ने बताया कि अब उनका यह आशियाना भी उनसे छीन जाने वाला है। उन्होंने बताया कि उनका मकान फोरलेन की जद में आ चुका है। अब ऐसे में दिव्यांग माता-पिता व छोटे भाई का पालन पोषण कैसे कर पाउंगा कुछ समझ नहीं आ रहा है।

अनिक कर रहा मुश्किलों का सामना

वहीं, मामले पर अब समाजसेवियों का भी समर्थन मिलने लगा है। समाज सेवी केडी राणा का कहना है कि सरकार अपने हितों को राशन और गैस चूल्हे वितरित कर रही है, लेकिन इनका जो परिवार सही में हकदार है। वह सरकारी तमाम योजनाओं से दूर है। केडी राणा ने कहा कि 25 वर्ष की छोटी सी उम्र में तीन लोगों का बोझ अनिक बड़ी मुश्किल से उठा रहा है। राणा का कहना है कि क्या सरकार और प्रशासन ने ऐसे लोगों के लिये कोई योजनाएं नहीं बनाई है। अगर बनाई है तो अनदेखी क्यों हो रही है।

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