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हिमाचल: बुजुर्ग महिला ने 23 साल पहले दान में दी थी जमीन, डिस्पेंसरी के नाम पर एक ईंट भी नहीं लगी
मंडी। हिमाचल (Himachal) के स्वास्थ्य महकमे का हाल गजब है। विभाग के पास किराया देने के लिए रूपए तो हैं, लेकिन डिस्पेंसरी (Dispencary) के लिए दान में दी गई जमीन पर इमारत खड़ी करने के लिए फूटी-कौड़ी तक नहीं है। आलम तो यह है कि बुजुर्ग महिला ने बड़े अरमान से 23 पहले आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी बनाने के लिए जमीन दान में दी थी, ताकि लोगों को इलाज के लिए शहर का चक्कर नहीं लगाना पड़े, लेकिन विभाग ने महिला के दरियादिली पर पानी फेरने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी। अब तक एक ईंट भी उस जमीन में पर लगाई नहीं गई है।
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निजी भवन में चल रहा आयुर्वेदिक केंद्र
दरअसल, पूरा मामला गोहर उपमंडल की खासरी पंचायत के खारसी गांव का है। यहां 23 वर्ष पहले आयुर्वेदिक डिस्पैंसरी (Ayurveda Dispensary) की शुरूआत हुई। गांव की बुजुर्ग कुब्जा देवी ने गांव की भलाई के लिए डिस्पेंसरी के भवन निर्माण हेतु अपनी 5 बिस्वा जमीन आयुर्वेद विभाग को दान दी। भवन निर्माण के लिए विभाग को समय-समय पर पैसे भी मिले। कागजों में लाखों रूपए खर्च करके यहां पर एक सुरक्षा दीवार भी लगाई गई है, जोकि धरातल पर नजर नहीं आती। अब विभाग इस सुरक्षा दीवार को तोड़कर भवन बनाने की योजना बना रहा है, जिसके लिए ज्वाईंट इस्पेक्शन भी हो चुका है।
स्थानीय लोग आक्रोशित
इधर, स्थानीय लोग भवन निर्माण को लेकर हो रही देरी के चलते आक्रोशित हैं। स्थानीय लोगों ने विभाग से भवन को जल्द से जल्द बनाने की मांग उठाई है। वहीं, जिला आयुर्वेद अधिकारी गोविंद शर्मा ने बताया कि भवन निर्माण के लिए विभाग के पास लगभग 14 लाख की राशि प्राप्त हो चुकी है। पहले यहां पर एक सुरक्षा दीवार लगाई गई थी, जिसे तोड़ना पड़ेगा। इसके लिए ज्वाइंट इंस्पेक्शन हो चुका है। मंजूरी मिलते ही इसे तोड़कर भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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