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निर्दलीय पर भरोसा जताती है यहां की जनता, इस बार कौन मारेगा बाजी
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला की वो सीट जिससे प्रदेश का सबसे अमीर प्रत्याशी चुनावी मैदान में है। एक जमाने इस सीट पर कांग्रेस और निर्दलीय का कब्जा रहा है और बीजेपी में 1990 में लंबे अंतराल के बाद यहां से जीत हासिल की। बात कर रहे हैं चौपाल विधानसभा सीट की जो अब बीजेपी के दबदबे वाली मानी जाती है। 2012 में निर्दलीय जीत हासिल करने वाले बलबीर वर्मा ने 2017 में चौपाल विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस बार भी बीजेपी ने बलबीर वर्मा पर भरोसा जताया है और कांग्रेस ने रजनीश किमटा को चुनावी मैदान में उतारा है। अहम बात यह है कि 2003 में सुभाष मंगलेट निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हुए और 2007 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीता। इसके बाद 2012 में वे निर्दलीय बलवीर वर्मा के हाथों हार गए। इस बार सुभाष मंगलेट को उम्मीद थी कि टिकट उन्ही को मिलेगा लेकिन कांग्रेस ने किमटा के मैदान में उतार दिया। इससे गुस्साए सुभाष मंगलेट एक बार फिर निर्दलीय मैदान में है। आम आदमी पार्टी ने उदय सिंगटा पर दांव खेला है। इस सीट पर बलबीर वर्मा , रजनीश किमटा और सुभाष मंगलेट के बीच मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है। खास बात यह है कि इस सीट पर जनता निर्दलीय प्रत्याशियों पर पूरा भरोसा करती आई है।
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चौपाल विधानसभा सीट पर कुल मतदाताओं की बात करें तो इसकी संख्या 81,222 है। इसमें पुरुष मतदाता 41,863 हैं तो महिला मतदाताओं की संख्या 39,359 है। इसके अलावा 560 सर्विस वोटर व अन्य भी हैं। इससे यहां पर कुल वोटरों की संख्या इस बार 81,782 है।
