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तय कर लें मंत्री बड़ा है या अधिकारी, राज्यपाल बोले- अनिल खाची ने बंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपी
Governor Shiv Pratap Shukla: हिमाचल के राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। इसके बाद राज्यपाल शुक्ल ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में देरी पर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने आज बंद लिफाफे में उन्हें रिपोर्ट सौंपी है। अभी उन्होंने रिपोर्ट को देखा नहीं है।
पंचायत चुनाव समय पर ना होना चिंता का विषय
शुक्ल ने कहा पंचायत चुनाव समय पर ना होना चिंता का विषय। मंत्री कह रहे हैं कि समय पर चुनाव होने चाहिए, अधिकारी और सात जिलों के डीसी कह रहे हैं कि अभी चुनाव करवाना संभव नहीं। पहले ये तय कर लें कि मंत्री बड़ा है या अधिकारी। इससे पहले राजभवन में राज्यपाल शुक्ल से मुलाकात के दौरान खाची ने राज्यपाल को पंचायत चुनाव के लिए इलेक्शन कमीशन की तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। राज्यपाल को बताया कि प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव 31 जनवरी से पहले करवाए जाने है। इलेक्शन कमीशन इसके लिए वोटर लिस्ट तैयार कर दी है। बैलेट पेपर छपवाए जा चुके हैं। कमीशन की तरफ से सभी तैयारियां पूरी कर दी गई है।
गंभीरता से विचार करते हुए कदम उठाना चाहिए
राज्यपाल शुक्ल ने कहा कि पंचायती राज चुनाव निर्वाचन आयोग और सरकार को मिलकर करने हैं। दोनों को इस बारे में गंभीरता से विचार करते हुए कदम उठाना चाहिए। अगर समय से विधानसभा चुनाव ना हो तो अस्थिरता फैल जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री कह रहे हैं चुनाव समय से होंगे, लेकिन सात जिलों के डीसी ने चुनाव करवाने के लिए स्थिति ठीक नहीं होने का हवाला दिया है। पहले ये तय कर लें कि मंत्री बड़ा है या अधिकारी। यह दोनों बयान विरोधाभासी हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।
देवभूमि की पवित्रता को बनाए रखना चाहिए
प्रदेश में कानून व्यवस्था के लेकर राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि हिमाचल में इस प्रकार की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। सरकार प्राथमिकता के आधार पर स्थिति को संभाले। हिमाचल को देवभूमि कहा जाता है, सरकार को देवभूमि की पवित्रता को बनाए रखना चाहिए।
संजू चौधरी
