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गोहर के नौण मेले में गैस सिलेंडर ने पकड़ी भीषण आग, मची अफरातफरी
Fire in Mela: मंडी के उपमंडल गोहर के नौण में आयोजित मेले में उस समय भारी दहशत फैल गई, जब एक दुकान में रखे गैस सिलेंडर ने अचानक आग पकड़ ली। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरे मेला परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि इस भयंकर आगजनी में कोई जनहानि नहीं हुई और समय रहते एक बड़ा हादसा टल गया।
दोपहर 12 बजे हुआ हादसा, स्वाहा हुआ दुकान का सामान
जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे की है। मेले में युगल हलवाई की दुकान में भट्ठी से जुड़े गैस सिलेंडर में अचानक से आग लग गई। आग लगते ही मेले में आए व्यापारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर इसे बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि सिलेंडर की पूरी गैस समाप्त होने तक उस पर काबू नहीं पाया जा सका। इस घटना में युगल हलवाई की दुकान का अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो गया। वहीं, आग की भीषण तपिश के कारण पास ही स्थित कुलदीप चंद (पुत्र कर्म चंद) की दुकान के फ्रंट पर लगी ग्लेज़ (शीशा) भी चटक कर टूट गई।
अग्निशमन विभाग को नहीं दी गई कोई सूचना
हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल से मात्र सात किलोमीटर की दूरी पर गोहर (चैलचौक-जासन) में अग्निशमन विभाग का कार्यालय स्थित है, लेकिन आग बुझाने की अफरातफरी में किसी ने भी दमकल विभाग को सूचित करना जरूरी नहीं समझा।इस संबंध में जब गोहर स्थित चैलचौक-जासन अग्निशमन विभाग के अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस आगजनी की कोई भी कॉल या सूचना प्राप्त नहीं हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि यदि समय पर सूचना मिल जाती, तो दमकल की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर जल्दी काबू पा सकती थी, जिससे नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
जागरूकता और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि आपातकालीन स्थिति में लोग अक्सर घबरा जाते हैं। अग्निशमन विभाग द्वारा गर्मियों में जगह-जगह जागरूकता शिविर लगाकर गैस सिलेंडर की आग से निपटने के तरीके सिखाए जाते हैं। यदि मेले में मौजूद लोगों ने उस प्रशिक्षण का सही इस्तेमाल किया होता, तो शायद आग पर तुरंत काबू पाया जा सकता था।भले ही इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ हो, लेकिन इसने मेलों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन सूचना तंत्र और अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता की भारी कमी को एक बार फिर से उजागर कर दिया है। प्रशासन और आयोजनकर्ताओं को भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
संजीव कुमार
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