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बढ़ती ठंड के साथ पौंग झील में हजारों मील उड़कर पहुंचे ये नए मेहमान
जवाली (रविंद्र चौधरी)। हिमाचल में बढ़ती ठंड के साथ महाराणा प्रताप पौंग झील क्षेत्र (Pong Lake Area) में हजारों मील दूर मध्य एशिया, साइबेरिया, चीन, मंगोलिया, तिब्बत और इंडोनेशिया से उड़कर विदेशी मेहमान (Migratory Birds) पहुंचे हैं। वन्य प्राणी विभाग ने बर्ड फ्लू की आशंका के चलते पक्षियों के सैंपल लैब भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट दो दिन में आएगी। इससे पहले वर्ष 2020 और 2021 में पहुंचे परिंदों से बर्ड फ्लू (Bird Flu) फैला था, जिसमें 5500 परिंदों की मौत हो गई थी। इनमें सबसे ज्यादा बारहेडेड गीज की बर्ड फ्लू से मौत हुई थी। बर्ड फ्लू के कारण झील में मछली पकड़ने पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। जिससे करीब 2300 मछुआरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

ड्रोन से होती है निगरानी
अभी तक पौंग झील में किसी भी प्रवासी पक्षी के मरने या बीमार होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन विभाग ने लोगों को आगाह (Bird Flu Alert) किया है कि यदि कोई भी पक्षी पौंग झील किनारे मरा हुआ मिलता है तो उसे हाथ न लगाएं और इसकी सूचना तुरन्त वन्यप्राणी विभाग को दें। वन विभाग ड्रोन (Drone) से झील में मेहमान परिंदों की निगरानी करता है। इससे इनके अवैध शिकार पर भी लगाम लगी है। वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के डीएफओ रेजिगनॉल्ड रायस्टन ने कहा कि प्रवासी पक्षियों के सैंपल लैब भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट दो दिन में आने वाली है।
