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शुरु होने वाले हैं शारदीय नवरात्रः इस तरह करें मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी

शुरु होने वाले हैं शारदीय नवरात्रः इस तरह करें मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी

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शारदीय नवरात्र कुछ दिनों के बाद शुरु होने वाले हैं। नौ दिन तक चलने वाले नवरात्र में भक्त मां दुर्गा की पूजा कर के अपमी मनोकामना पूरी करते हैं। नवरात्र में दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना की जाती हैं और इसके लिए पहले से ही कई तैयारियां की जाती है। आज हम आप को उन तैयारियों के बारे में बताने जा रहे हैं। सबसे पहले तो नवरात्र के लिए घर की सफाई अच्छे से करें। मां दुर्गा की पूजा में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसलिए सफाई बेहद जरूरी है।


नवरात्र में घर पर मां दुर्गा की फोटो या मूर्ति को स्थापित करने के लिए लकड़ी की चौकी का होना जरूरी है। कलश स्थापना की तैयारी पहले कर लें। मिट्टी का कलश, मिट्टी का कटोरा और साफ मिट्टी लाएं। देवी मां के लिए आसन की व्यवस्था करें। बाजार से लकड़ी की छोटी चौकी लाएं। उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछा दें। भूलकर माता की चौकी पर सफेद या काले रंग का कपड़ा नहीं बिछाना चाहिए।

  • नवरात्र पर कलश स्थापना के साथ माता की पूजा-आराधना का सिलसिला शुरू हो जाता है जो 9 दिनों तक चलता है। कलश स्थापना में सोने, चांदी या मिट्टी के कलश का प्रयोग किया जा सकता है। कलश स्थापना और मां दुर्गा की पूजा में आम के पत्तों का होना बहुत जरूरी होता है। आम के पत्तों से तोरण द्वार बांधान चाहिए।
  •  नवरात्र में कलश स्थापना और पूजा में जटा वाला नारियल के साथ पान, सुपारी, रोली, सिंदूर, फूल और फूल माला,कलावा और अक्षत यानि सबूत चावल होना चाहिए। मां की चुनरी और अन्य सामान के लिए काले और नीले रंग का प्रयोग न करें। लाल और पीला रंग शुभ है
  •  हवन के लिए आम की सूखी लकड़ी, कपूर, सुपारी, घी और मेवा जैसी सामग्री का होना आवश्यक है।
  •    अखंड ज्योति के लिए मिट्टी का दिया या पीतल का बड़ा दीपक, बाती और शुद्ध देशी घी लाएं। चुनरी के साथ सुहाग का सामान सिंदूर, नारियल, फल, पंचमेवा ले आएं। लाल चूड़ियां, मेहंदी, कुमकुम भी अर्पित कर सकते हैं। नवरात्र के नौ दिनों में मां को भोग लगाकर प्रसाद बांटें।

  • देवी मां की मूर्ति के दोनों ओर सिंदूर से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। नवरात्र में मां की कृपा से आत्मबल, सही कर्म करने की शक्ति, सही कर्म का ज्ञान प्राप्त होता है। ध्यान रखें कि माता की पूजा करते समय हमारा मुख दक्षिण या पूर्व दिशा में ही रहे। पूर्व दिशा की ओर मुख कर मां का ध्यान करने से चेतना जागृत होती है। दक्षिण दिशा की ओर मुख कर पूजन करने से मानसिक शांति मिलती है।

  • नवरात्र के नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस बात का खास ख्याल रखें कि मां दुर्गा की पूजा के लिए स्टील के सामान का प्रयोग करें। प्लास्टिक के सामान प्रयोग न करें।

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