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विक्रमादित्य को मिला रोहित का समर्थन: बोले– काबिल मंत्री हैं, CM करें हस्तक्षेप, कैबिनेट तक जाने की जरूरत नहीं
Vikramaditya Singh: लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान को लेकर चल रहे विवाद के बीच उन्हें कैबिनेट में अपने ही सहयोगी शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का समर्थन मिला है। शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान रोहित ठाकुर ने साफ कहा कि विक्रमादित्य सिंह एक काबिल मंत्री हैं और सीएम को इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर सभी शंकाओं को दूर करना चाहिए, ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।
विक्रमादित्य बनाम आफिसर्ज मामले में Sukhu का एक और Minister बोल उठा@anirudhsinghMLA @rajeevbindal @VikramadityaINC @NitishKumar @myogiadityanath@priyankagandhi @SukhuSukhvinder @jairamthakurbjp @BJP4Himachal @karanbjphp @Agnihotriinc pic.twitter.com/HDKiy27rQH
— Himachal Abhi Abhi (@himachal_abhi) January 16, 2026
प्रदेश से संबंध रखने वाले लोगों में भी ऐसी सोच हो सकती है
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि जहां तक अधिकारियों की बात है, तो बाहर से आए IAS और IPS अधिकारियों का भी प्रदेश के विकास में अहम योगदान रहता है। उन्होंने कहा कि यह उनकी निजी राय है कि जैसे दूसरे राज्यों के अधिकारी योगदान देते हैं, वैसे ही हिमाचल के अधिकारियों का तो नैतिक दायित्व और भी बढ़ जाता है। रोहित ठाकुर ने यह भी माना कि हर जगह सकारात्मक सोच वाले अधिकारी ही नहीं होते, कहीं-कहीं नकारात्मक सोच वाले अफसर भी मिल सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकारात्मक सोच केवल ऑल इंडिया सर्विस से जुड़े अधिकारियों तक सीमित नहीं होती, बल्कि प्रदेश से संबंध रखने वाले लोगों में भी ऐसी सोच हो सकती है।
कोई संशय है,सीएम हस्तक्षेप करें
हालांकि, रोहित ठाकुर स्पष्ट किया कि विक्रमादित्य सिंह के बयान को लेकर कैबिनेट तक मामला ले जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य सिंह के मन में यदि कोई संशय है, तो सीएम को स्वयं हस्तक्षेप कर उसे दूर करना चाहिए, ताकि सरकार और प्रशासन के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे।
बयान पर बंट कई कैबिनेट
गौरतलब है कि विक्रमादित्य सिंह के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और मंत्री-अफसर संबंधों को लेकर बहस तेज हो गई है। ऐसे में शिक्षा मंत्री का यह बयान कांग्रेस सरकार के भीतर उभर रही अलग-अलग राय को भी सामने लाता है।इससे पहले राजस्व मंत्री जगत नेगी, पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विक्रमादित्य सिंह के बयान पर जुबानी हमला बोल चुके हैं। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंत्री-अफसर विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि मंत्री और अफसरों के बीच कोई विवाद नहीं है, कई बार ऐसी बातें होती है, लेकिन इन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं।
संजू चौधरी
