Covid-19 Update

2,16,813
मामले (हिमाचल)
2,11,554
मरीज ठीक हुए
3,633
मौत
33,437,535
मामले (भारत)
228,638,789
मामले (दुनिया)

हिमाचल का ये शख्स 2 साल से कोमा में, इलाज पर खर्च हुए लाखों- मिले सिर्फ 15 हजार

पत्नी जमीन बेच पति का इलाज करवाने और परिवार का पेट पालने की कर रही तैयारी

हिमाचल का ये शख्स 2 साल से कोमा में, इलाज पर खर्च हुए लाखों- मिले सिर्फ 15 हजार

- Advertisement -

ऊना। परिवार की जिम्मेदारी उठाने वाला मुखिया 2 वर्ष से कोमा में है, ब्रेन के काम ना करने के चलते वह जड़ अवस्था में ऐसे ही बिस्तर पर लेटा हुआ है। जबकि परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे किस तरह जिंदगी गुजर बसर कर रहे हैं, यह वही जानते हैं। करीब 2 साल पूर्व डिप्रेशन की बीमारी के बाद संजीव कुमार का ब्रेन काम करना बंद कर गया। वही परिवार को संजीव के भाइयों ने यथासंभव सहायता भी प्रदान की। जिनमें परिवार के पालन-पोषण के साथ-साथ खुद संजीव कुमार की दवा का भी खर्चा उठाया गया। अब जबकि सबके हाथ खड़े हो गए हैं तो ऐसे में संजीव की पत्नी मोनिका जमीन बेचकर पति का इलाज करवाना चाहती है।

हरोली उपमंडल के लूठड़े गांव निवासी एक परिवार की कहानी हर किसी का दिल पसीज देने वाली है। करीब 2 साल पहले लंबी बीमारी के बाद संजीव कुमार का ब्रेन काम करना बंद कर गया था। जिसके बाद से लेकर आज दिन तक संजीव कुमार कोमा की हालत में है। पति के इलाज के लिए पत्नी ने बचाई हुई तमाम धनराशि खत्म कर दी। वही संजीव के भाइयों ने भी यथासंभव अपने भाई के परिवार की मदद की, चाहे वह परिवार के पालन पोषण की बात हो या फिर संजीव की दवाओं के खर्चे की, लेकिन अब उनके भी हाथ खड़े हो गए हैं। ऐसी परिस्थिति में अब मोनिका ने अपने पति के इलाज के लिए जमीन जायदाद को बेचने का फैसला लिया तो इन परिस्थितियों में भी कानून आड़े आ गया और अब उसने पति के नाम वाली जमीन बेचने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ऐसा नहीं है कि इस परिवार ने सरकार से मदद नहीं मांगी, सरकार को परिवार ने लाखों रूपये के बिल भेजे है लेकिन अभी तक इस परिवार को मात्र 15 हजार रूपये की आर्थिक मदद ही सरकार की तरफ से मिली है।

ये भी पढ़ेः रेडक्रॉस लक्की ड्रा का परिणाम घोषित-टिकट नंबर 054344 के विजेता को स्कूटी

लंबी जदोजहद के बाद संजीव को इस माह से ही दो हजार रूपये की पेंशन भी शुरू हो गई है। लेकिन संजीव के इलाज पर हर माह हजारों का खर्च होने और परिवार के पालन पोषण करने के लिए दो हजार रूपये कहां तक मददगार साबित होंगे। अब थक हार कर संजीव की पत्नी मोनिका ने डीसी ऑफिस ऊना में पहुंचकर डीसी राघव शर्मा के आगे भी फरियाद लगाई है और डीसी ऊना ने मोनिका को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। मोनिका ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए बताया कि किस तरह उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है और सरकार की तरफ से मदद के नाम पर सिर्फ 15 हजार रूपये ही उन्हें मिले है।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है