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उसकी फ़ितरत है मुकर जाने की… शशि थरूर ने बताया- भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर क्यों जरूरी
India Pakistan Ceasefire: भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार शाम हुए सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान की तरफ से इसे समझौते को तोड़ दिया गया. पाकिस्तान ने शनिवार की रात श्रीनगर समेत देश के कई शहरों में एक बार फिर ड्रोन भेजे। भारतीय सेना ने इन ड्रोन्स को फिर से मार गिराया है। पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पाकिस्तान पर चुटकी लेता हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन कर अपनी फितरत को एक बार फिर दिखा दिया है।
उसकी फितरत है मुकर जाने की
उसके वादे पे यकीं कैसे करूँ? #ceasefireviolated— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) May 10, 2025
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उसकी फितरत है मुकर जाने की, उसके वादे पे यकीं कैसे करूं?। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि, ऐसे माहोल में शांति सबसे ज्यादा जरूरी है। मुझे बहुत खुशी है। भारत कभी भी लंबे समय तक युद्ध नहीं चाहता था, लेकिन भारत आतंकवादियों को सबक सिखाना चाहता था, मेरा मानना है कि सबक सिखाया गया है।
1971 की परिस्थितियां 2025 की तरह नहीं
शशि थरूर ने कहा कि हम उस स्थिति में पहुंच गए थे, जहां तनाव बेवजह नियंत्रण से बाहर हो रहा था। हमारे लिए शांति जरूरी है। सच तो यह है कि 1971 की परिस्थितियां 2025 की परिस्थितियां नहीं हैं। आज मतभेद हैं। यह ऐसा युद्ध नहीं था जिसे हम जारी रखना चाहते थे। हम बस आतंकवादियों को सबक सिखाना चाहते थे और वह सबक सिखाया जा चुका है।मुझे यकीन है कि सरकार पहलगाम हमलों में शामिल आतंकियों को कड़ी से कड़ी सजा देगी और जल्द ही उनकी पहचान की जाएगी। शशि थरूर ने कहा कि देश के मौजूदा हालातों की तुलना साल 1971 से की जा रही है। वो भी एक एक महान उपलब्धि थी, इंदिरा गांधी ने उस समय एक नया नक्शा फिर से लिखा, लेकिन वे परिस्थितियां अलग थीं। बांग्लादेश एक नैतिक कारण से लड़ रहा था और बांग्लादेश को आजाद कराने के पीछे का एक अलग उद्देश्य था। पाकिस्तान पर सिर्फ गोले दागते रहना उद्देश्य नहीं है।उस समय जो भी फैसले लिए गए वो उन हालातों को देखकर लिए गए थे। आज जो देश के हालात हैं उसमें शांति बहुत जरूरी है।
पंकज शर्मा
