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Sukhu Govt / Big Update/ Hulchal
पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि बीते एक वर्ष में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जमीनों पर बेदखली से जुड़े कई आदेश दिए हैं, जो आपस में ही विरोधाभासी हैं। इन जमीनों पर सरकार ने खुद 2000 में हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व अधिनियम की धारा- 163-A के तहत नियमितीकरण के लिए आवेदन मांगे थे। अब उन्हीं जमीनों को वन भूमि बताकर बेदखली की जा रही है। संघ ने इसे अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताया है, जो नागरिकों के जीवन और आजीविका की रक्षा करता है। सेब उत्पादक संघ ने कहा है कि वे चार कानूनी आधारों पर इस आदेश को अदालत में चुनौती देने के लिए तैयार हैं और इसके लिए वे मजिस्ट्रेट के समक्ष शपथपूर्वक बयान देने को भी तैयार हैं।
