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हिमाचल: बरसात में खड्ड ने बर्बाद कर दिया था सब कुछ, चार माह बाद भी किसी ने नहीं ली सुध
धर्मशाला। हिमाचल के कांगड़ा जिला में भारी बरसात के कारण तबाह हुई सड़कों, कूल्हों और श्मशानघाट की चार माह बाद भी रिपेयर नहीं हुई है। जिसके चलते ग्रामीणों के साथ किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को इनकी मरम्मत के लिए विभागों और अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बता दें कि कांगड़ा जिला में जुलाई माह में भारी बरसात के चलते माझी खड्ड पूरे उफान पर आई थी। इस खड्ड में आए पानी के तेज बहाव में कई घर बह गए थे। इसके अलावा कई संपर्क सड़कें कूल्हें व श्मशानघाट भी इसकी चपेट में आकर तबाह हो गए थे। धर्मशाला से लेकर गग्गल तक इस माझी खड्ड ने भारी तबाही मचाई थी। धर्मशाला के साथ लगते पासू पंचायत में हुए नुकसान के लिए यहां के स्थानीय लोग अधिकारियों के पास फरियाद लेकर पहुंच रहे हैं।
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पासू पंचायत के वाशिंदों ने डीसी कांगड़ा (DC Kangra) कार्यालय पहुंचकर जुलाई माह में भारी बरसात में हुए नुकसान का आंकलन करने व बरसात में बहे पुलों, सड़कों तथा कूल्हों को ठीक करने की गुहार लगाई है। अपनी समस्या को लेकर डीसी कांगड़ा के पास पहुंचे राजेंद्र कुमार ने बताया कि जुलाई में पासू खड्ड में आई बाढ़ के चलते उनका जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण मुख्य मार्ग तक जोड़ने वाली सड़क भी बह गई है। इसके साथ ही पासू के साथ लगते स्कूल को भी खासा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पासू (Passu) पंचायत में दो हजार के करीब लोग रहते हैं और सभी लोग खेती पर ही निर्भर हैं, लेकिन जुलाई माह में आई बाढ़ के चलते कूल्हों के बह जाने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि सड़क के बर्बाद होने से लोगों को अपने घरों तक सामान पहुंचाना मुश्किल हो गया है। वहीं उन्होंने डीसी कांगड़ा डॉक्टर निपुण जिंदल से पासू में खड्ड में तबाह हो चुके श्मशान घाट की भी रिपेयर की मांग की है। उन्होंने डीसी कांगड़ा से मांग की है कि जल्द से जल्द पासू पचायत में आ रही दिक्कतों को निपटाया जाए।
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