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तिब्बती पठार में भारी परिवर्तन किसकी वजह से?

तिब्बती पठार में भारी परिवर्तन किसकी वजह से?

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1951 में शांतिपूर्ण मुक्ति के बाद से इधर के 70 वर्षों में, तिब्बत में अभूतपूर्व परिवर्तन (Drastic Changes) नजर आया है। तिब्बत अब सभी लोगों के लिए शांति और खुशहाल में रहने का एक सुंदर स्थल बन गया है। इतिहास में 70 साल तो बस एक छोटा सा पल है। हालांकि, तिब्बत मानव जीवन के लिए सबसे अनुपयुक्त स्थानों में से एक के रूप में विकसित होने से सामाजिक स्थिरता, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि, सुंदर पारिस्थितिक वातावरण और खुशहाल जीवन के स्वर्ग में विकसित हो गया है। तिब्बती पठार (Tibetan Plateau) में किस शक्ति ने ऐतिहासिक परिवर्तन लाये, और इस पृथ्वी के तीसरे ध्रुव को जोरदार जीवन शक्ति से भर दिया? उत्तर यह है: चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में, तिब्बती लोग देश के स्वामी बन गये हैं और आर्थिक और सामाजिक निर्माण की अनमोल भावना के लिए खुद को समर्पित करते हैं। तिब्बत की औसत ऊंचाई चार हजार मीटर से अधिक है, और ऑक्सीजन की मात्रा मैदानी इलाकों की तुलना में केवल आधी है। शांतिपूर्ण मुक्ति से पहले तिब्बत में पारिस्थितिकी नाजुक थी, अर्थव्यवस्था पिछड़ी हुई थी और पर्यावरण कठोर था। जहां कोई आधुनिक सड़क, स्कूल, अस्पताल, कारखाना या बिजली स्टेशन नहीं था। पठार के कई स्थानों को जीवन निषिद्ध क्षेत्र कहा जाता था। 1951 में शांतिपूर्ण मुक्ति के बाद, पार्टी और सरकार ने बहुत सारे मानव और वित्तीय संसाधनों का निवेश किया और तिब्बत के आधुनिकीकरण की शुरूआत की। भीतरी इलाकों के बहुत से कार्यकर्ता, श्रमिक और तकनीशियन तिब्बत गये। उन्होंने पठारी पर्यावरण की विशेष कठिनाइयों को पार किया और एक नए समाजवादी तिब्बत के निर्माण के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ काम किया। पिछले 70 वर्षों में, स्थितियां बदलने के बावजूद सभी जातीय समूहों के लोगों की अपने संघर्ष में एकजुट होने और तिब्बत के चेहरे को पूरी तरह से बदलने की भावना बनी रही है।

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तिब्बत में पहला विद्युतीकृत रेलवे

तिब्बत के विकास में रेल मार्ग का निर्माण उल्लेखनीय है। 1 जुलाई 2006 को, छींगहाई-तिब्बत रेलवे को परिचालन में लाया गया, जिससे तिब्बत में कोई रेलवे नहीं होने का इतिहास समाप्त हो गया। 15 अगस्त 2014 को, ल्हासा-चिगात्से रेलवे को खोल दिया गया, जो तिब्बत में रेलवे निर्माण के इतिहास में एक और मील का पत्थर बन गया। 25 जून, 2021 को, लालिन रेलवे की सर्विस भी शुरू होने लगी। जो तिब्बत में पहला विद्युतीकृत रेलवे है। अन्य देशों में किसी भी रेलवे निर्माण कंपनियों के लिए तिब्बत पठार जैसे क्षेत्र में रेलवे का निर्माण करना अकल्पनीय है, जिसका मौसम और वातावरण ठंडे, हाइपोक्सिक, पर्माफ्रॉस्ट और ऊबड़-खाबड़ हैं। लेकिन चीनी रेलवे निमार्ताओं ने अकल्पनीय कठिनाइयों को दूर किया और एक के बाद एक चमत्कार किए। आज तिब्बती पठार भी देश के आर्थिक रूप से विकसित क्षेत्रों के साथ रेलवे से जुड़ा हुआ है।

तिब्बती लोगों को एक आम सहमति है, यानी सभी जातीय समूहों की एकता और आंतरिक कार्यकर्ताओं की निस्वार्थ सहायता के बिना, तिब्बत को इस तरह की शानदार उपलब्धियां प्राप्त करना असंभव है। तिब्बत में हर जगहों पर, चाहे ग्रामीण इलाकों में या कस्बों में, भीतरी इलाकों से आये कार्यकर्ता या तकनीशियन दिखते रहते हैं। जो स्थानीय लोगों को उत्पादन का मार्गदर्शन कर रहे हैं, पशुपालन की तकनीकी समस्याओं को हल कर रहे हैं, या सांस्कृतिक पर्यटन क्षेत्रों की योजना बना रहे हैं, इत्यादि। चीनी सरकार के श्वेत पत्र शांतिपूर्ण मुक्ति और समृद्धि और तिब्बत का विकास के अनुसार, केवल 1994 से 2020 तक, चीन के विकसित प्रांतों, नगर पालिकाओं तथा राज्य मंत्रालयों और केंद्रीय उद्यम तिब्बत में कुल 6330 आर्थिक और सामाजिक निर्माण परियोजनाओं को पूरा किया। जिनकी पूंजीनिवेश मात्रा 52.7 अरब युआन से अधिक रही। जबकि तिब्बत की सहायता के लिए भेजे गये कार्यकर्ताओं की संख्या 9682 तक रही। आम तौर पर तिब्बत की सहायता के लिए भेजे गये कार्यकर्ताओं की कार्य अवधि तीन वर्ष है, और तिब्बती लोगों को अल्पविकास से यथाशीघ्र छुटकारा दिलाने में मदद करने के लिए बहुत से कार्यकर्ताओं ने अपनी कार्य अवधि को बढ़ाने का विकल्प चुना है। क्योंकि वे जानते हैं कि चीन के आधुनिकीकरण और सामान्य समृद्धि की यात्रा में हर जातीय समूह में से कोई भी पीछे नहीं रह सकता है। नि:स्वार्थ समर्पण की भावना से ही तिब्बत के विकास की शानदार कविताओं की रचना की जा सकेगी।

तिब्बती लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि तिब्बत की शांतिपूर्ण मुक्ति के बाद से तिब्बत में जो शानदार प्रगतियां और उपलब्धियां चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मजबूत नेतृत्व और पूरे देश की सहायता पर आधारित हैं। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने तिब्बत के लाखों भू-दासों को मुक्त करा दिया था और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने तिब्बत में सभी जातीय लोगों का एक नया समाजवादी तिब्बत का निर्माण करने में नेतृत्व किया। तिब्बत में आज समृद्ध, सामंजस्यपूर्ण, पारिस्थितिक रूप से स्वस्थ, धार्मिक रूप से सामंजस्यपूर्ण और खुशहाल जीवन का द्वार खुला हुआ है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

–आईएएनएस

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