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फैक्ट चेक! सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फर्जी-संभव नहीं ऐसी ट्रांजेक्शन
सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने कईयों के होश उड़ा रखे हैं। वीडियो एक लड़के से जुड़ा है जो गाड़ी का शीशा साफ करते हुए दिख रहा है। कहा ये जा रहा था कि शीशा साफ करने के बहाने अपने हाथ में बंधी स्मार्टवॉच (Smartwatch) से वह फास्टैग को स्कैन कर लेता है। इसकी भनक गाड़ी में बैठे शख्स को जब तक लगती है वह लड़का वहां से भाग जाता है। वीडियो बनाने वाले शख्स का दावा है कि स्मार्ट वॉच से फास्टैग (FASTag) को स्कैन कर पैसे चुराने का नया स्कैम (Scam) चल पड़ा है।
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लेकिन हकीकत में ऐसा मुमकिन नहीं है। क्योंकि कोई भी आपका फास्टैग यूं ही स्कैन नहीं कर सकता। फास्टैग से पेमेंट सिर्फ एप्रूव्ड मर्चेंट्स (Approved Merchants) को ही हो सकती है किसी अनऑथराइज्ड डिवाइस के लिए पेमेंट निकालना मुमकिन ही नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद फास्टैग पेटीएम और सरकार की तरफ से इस तरह के दावे को फर्जी करार दिया गया है।
https://twitter.com/rraghuveer/status/1540353835385860096
सरकारी संस्था पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने भी सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावे को फर्जी बताया है। अगर सिर्फ घड़ी से फास्टैग को स्कैन करने से ही पैसे कटते तो पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में भी ये फ्रॉड हो सकता है। वहां से भी फास्टैग को स्कैन कर पैसे उड़ाए जा सकते हैं।
https://twitter.com/PIBFactCheck/status/1540605485094965248
इसी तरह पेटीएम (Paytm) और फास्टैग ने भी इस वीडियो को फेक बताते हुए लिखा है एक वीडियो में पेटीएम फास्टैग को लेकर गलत सूचना फैलाई जा रही है। बताया गया है कि फास्टैग भुगतान केवल रजिस्टर्ड व्यापारी ही कर सकते है।
https://twitter.com/Paytm/status/1540571468450344961
