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यदुपति का बड़ा आरोप- IGMC में 3 करोड़ का ठेका 5 करोड़ में दिया- लेने वाला CM का करीबी
शिमला। हिमाचल युवा कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष यदुपति ठाकुर (Himachal Youth Congress Executive President Yadupati Thakur) ने जयराम सरकार परप्रदेश के बड़े अस्पतालों टांडा और आईजीएमसी में मरीजों को दिए जाने वाले खाने के ठेके में अपने चेहतों को दोगुने से भी ज्यादा फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शिमला के आईजीएमसी (IGMC) में 3 करोड़ का काम 5 करोड़ में अपने करीबी को बिना नियम के दिलाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि 10 दिन के भीतर मामले में स्पष्टीकरण ना दिया तो घेराव किया जाएगा। शिमला में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आईजीएमसी अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को खाना बनाने और बांटने का काम खुद करने के बजाए आउटसोर्स (Outsource) किया। अस्पताल जब खुद यह कार्य करता था तो 2 करोड़ 39 लाख रुपये सालाना खर्च आता था, लेकिन जैसे ही ये आउटसोर्स हुआ उसके बाद जिस कंपनी को यह काम दिया गया है, उसे अब उसी काम के सालाना 4 करोड़ 96 लाख रुपये दिए जाएंगे। युवा कांग्रेस ने इसको लेकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
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युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष यदोपति ठाकुर ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में बड़ा घोटाला हुआ है, जिस फर्म को यह टेंडर दिया गया है, उसी फर्म को पहले मेडिकल कॉलेज नेरचौक (Medical College Ner Chowk) में भी काम दिया था। दोनों ही कॉलेजों में टेंडर के वक्त एक ही प्रधानाचार्य कार्यरत थे। आरोप है कि चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर में जानबूझ कर ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, ताकि बाकी सभी कंपनियां बाहर हो जाएं।पहली शर्त यह थी कि काम केवल उसी कंपनी को मिलेगा, जिसके पास 500 बिस्तरों वाले अस्पताल में इस तरह का काम करने का अनुभव हो। टेंडर (Tender) में चार कंपनियों ने आवेदन किया था। ये वही कंपनियां थीं, जिन्होंने नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी आवेदन किया था।चार में से तीन कंपनियां बाहर हो जाती हैं और दोनों अस्पतालों में एक ही कंपनी को काम मिला है।
बिना तथ्यों की जांच कर बढ़ा दी राशि
पूरे मामले में हैरान करने वाली बात है कि कंपनी ने सरकार को एक पत्र लिख कर कहा कि 2 करोड़ 39 लाख के करार में यह काम करना संभव नहीं है,जबकि कंपनी के पत्र पर सरकार ने बिना तथ्य की जांच और बिना कमेटी का गठन कर राशि को बढ़ाकर 4 करोड़ 96 लाख रुपये कर दिया।उन्होंने कहा कि कंपनी के पास स्वास्थ्य क्षेत्र में इस तरह के काम करने का जो अनुभव है, वह बिहार और उत्तर प्रदेश (UP) का है। यदोपति ठाकुर ने कहा कि जिस व्यक्ति को लाभ देने के लिए ये गोरखधंधा रचा गया, वह सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) के गृह क्षेत्र सराज का है, जो अपने को सीएम का करीबी बताता है।यदुपति ने कहा कि इस व्यक्ति पर पिछले साल 28 जुलाई को कोरोना फैलाने को लेकर एफआईआर (FIR) भी दर्ज हो चुकी है।
विधानसभा के घेराव और कोर्ट जाने की चेतावनी
यदुपति ने सीएम जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से हर दस्तावेज की गहनता से जांच की जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
यदोपति ठाकुर ने सीएम जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल से इस पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पर सरकार की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं मिलता तो युवा कांग्रेस प्रदेश भर में सीएम और स्वास्थ्य मंत्री के पुतले फूंकेंगी। जगह-जगह पर सीएम का घेराव किया जाएगा। विधानसभा (Vidhan Sabha) के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, उन्होंने कोर्ट (Court) जाने की चेतावनी भी दी है।
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