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Himachal : ऊना में करवाया सैंपल पॉजिटिव तो नंगल में नेगेटिव कैसे, उठे सवाल
ऊना। हिमाचल के ऊना जिला के भटौली गांव में एक बच्चे की कोविड-19 (Covid-19) जांच को लिए सैंपल की रिपोर्ट दो जगह से अलग-अलग आई है। बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के अधिकारियों ने गलत रिपोर्ट देकर उन्हें मानसिक परेशानी में डाला है। कुछ दिन पूर्व ही इस बच्चे के पिता पॉजिटिव (Positive) पाए गए थे जिसके बाद 25 मई को कांटेक्ट ट्रेसिंग के तहत पूरे परिवार के सैंपल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच के लिए जुटाए गए। परिवार के सभी सदस्यों की रिपोर्ट नेगेटिव रहीए जबकि केवल मात्र 11 साल के बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई।
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बच्चे (Child) में किसी भी प्रकार का लक्षण ना होने पर परिजनों ने 28 मई को पंजाब के नंगल (Nangal) में दोबारा से सैंपल करवाने का फैसला लिया। नंगल में की गई टेस्टिंग के दौरान बच्चे की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। 72 घंटों के भीतर की गई टेस्टिंग में दो अलग-अलग रिपोर्ट (Report) आने से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बच्चे के चाचा विनय ने दावा किया है कि उनके भतीजे में कोई लक्षण ना होने पर भी उन्हें पॉजिटिव करार दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके भतीजे की गलत रिपोर्ट उन्हें सौंपी गई है। यदि बच्चा पॉजिटिव था तो पंजाब में इसकी रिपोर्ट नेगेटिव कैसे आई। बच्चे के परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते उन्हें मानसिक परेशानी से गुजरना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि उनके बच्चे में कोई लक्षण नहीं था लिहाजा उसकी गलत रिपोर्ट जिला के स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें प्रदान की गई है।
वहीँ सीएमओ ऊना (CMO Una) डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि बच्चे की दोबारा टेस्टिंग तीन दिन बाद हुई है इसलिए हो सकता है कि बच्चे में संक्रमण का वायरल लोड कम होने के चलते दूसरी रिपोर्ट नेगेटिव आई हो। वहीँए उन्होंने कहा कि दूसरा कारण सही तरीके से सैंपल न लेना भी रिपोर्ट नेगेटिव आने का कारण हो सकता है। सीएमओ ऊना ने परिजनों को बच्चे की दोबारा टेस्टिंग करवाने की सलाह दी है।\
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