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हाईकमान को लिखा 12 पदाधिकारियों का पत्र हुआ वायरल, इस बात की जताई थी आशंका
सुनैना जसवाल/ ऊना। हिमाचल विधानसभा चुनावों में बीजेपी सत्ता से बाहर हुई तो कई जगह पर हार के लिए मंथन भी हुआ। कहीं पर हार का ठीकरा एक दूसरे पर भी फोड़ा गया। इसी बीच बीजेपी का पार्टी हाईकमान को लिखा एक पत्र वायरल हुआ है। हालांकि ये पत्र चुनावों से पहले का है। ऊना जिले के हरोली बीजेपी मंडल के 12 पदाधिकारियों ने विस चुनावों में पार्टी प्रत्याशी रहे रामकुमार के खिलाफ पीएम नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सहित कुल 14 लोगों को पत्र प्रेषित किया। इस पत्र में इन नेताओं ने रामकुमार को टिकट ना देने की बात लिखी थी और साथ में यह भी लिखा था कि अगर रामकुमार को टिकट मिलता है तो बीजेपी यहां से तीसरी बार हार सकती है।
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इस पत्र में पूर्व मंडलाध्यक्ष नरेन्द्र राणा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश कुमार, अनुसूचित जनजाति मोर्चा ऊना के जिलाध्यक्ष ओंकार नाथ कसाणा, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र राणा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य यशपाल राणा, ईसपुर के पूर्व प्रधान संजय पाठक, युवा खेलकूद प्रकोष्ठ संयोजक संजय शर्मा व संयोजिका शकुंतला देवी कुंवर, ब्लॉक समिति सदस्य पवन बीटन, कुलदीप सिंह, पूर्व मंडलाध्यक्ष कुलविन्द्र ठाकुर, अजय जोशी, पूर्व प्रधान हरोली व किसान मोर्चा सह मीडिया प्रभारी सतीश ठाकुर के हस्ताक्षर भी हैं।
पत्र में स्पष्ट किया गय़ा था कि रामकुमार 2 बार चुनाव काफी मतों से हार चुके हैं और अब भी पुराने व मुख्य कार्यकर्ताओं की अनदेखी की वजह से रामकुमार के खिलाफ रोष है। इतना ही नहीं रामकुमार पर अपने परिवार को सैटल करने और पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का भी आरोप लगाया गया था। उधर इस पत्र को लेकर पूर्व बीजेपी मंडलाध्यक्ष नरेंद्र राणा का कहना है कि पत्र सर्वसम्मति से पत्र लिखा था, जिसमें कुल 12 पदाधिकारियों ने टिकट किसी अन्य को देने को कहा था। यदि हाईकमान ने सुझाव माना होता तो आज हरोली विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी की हार नहीं होती।
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