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प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण व संवर्धन करते आगे बढ़ना हमारा लक्ष्य
President Visit धर्मशाला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu)ने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय ( HPCU) के दीक्षांत समारोह में शिरकत की। राष्ट्रपति ने उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम क्लाइमेट चैंज जैसी बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की ecology और environment भी बहुत ही नाजुक एवं संवेदनशील हैं। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और संवर्धन करते हुए आगे बढ़ना, हमारा लक्ष्य होना चाहिए। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की धरती अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती है। मैं जब भी हिमाचल प्रदेश आती हूं, यहां के वातावरण में मेरा हृदय सुखद अनुभूति से भर जाता है। उन्होंने कहा कि हमारा ध्येय Flexible Minds विकसित करने पर होना चाहिए। जिससे हमारी युवा पीढ़ी तेजी से हो रहे बदलावों के साथ सामंजस्य बना के रख सके। हमें विद्यार्थियों में जिज्ञासा और सीखने की ललक को प्रबल करना है जिससे वे 21वीं सदी की जरूरतों और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हों।
शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ-साथ उनको आत्मनिर्भर बनाये, उनके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करे। चरित्र से रहित ज्ञान को महात्मा गांधी ने पाप का दर्जा दिया है। शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति, परंपरा एवं सभ्यता के प्रति… pic.twitter.com/MTCiTXAjl5
— President of India (@rashtrapatibhvn) May 6, 2024
शिक्षा ऐसी जो आत्मनिर्भर बनाये
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि शिक्षा (Education)ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ-साथ उनको आत्मनिर्भर बनाये, उनके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करे। चरित्र से रहित ज्ञान को महात्मा गांधी(Mahatma Gandhi)ने पाप का दर्जा दिया है। शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति, परंपरा एवं सभ्यता के प्रति जागरूकता लाना भी है। जब विद्यार्थी स्वतंत्र रूप से बिना किसी तनाव के सीखते हैं तब उनकी रचनात्मकता और कल्पना को उड़ान मिलती है। फिर वे शिक्षा को सिर्फ जीवन-यापन का पर्याय नहीं मानते हैं। बल्कि वे नवाचार करते हैं, समस्याओं का समाधान ढूंढते हैं, और उत्सुकता के साथ सीखते हैं।मैं चाहती हूं कि आप सभी विद्यार्थी कितनी भी मुश्किल परिस्थिति में हों, बुराई को कभी भी हावी न होने दें। बुराई का मार्ग कितना भी सुगम क्यों न हो, हमेशा अच्छाई का ही पक्ष लें। करुणा, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता जैसे मानवीय मूल्यों को अपने जीवन का आदर्श बनाएं। इन मूल्यों पर आधारित आपका जीवन सफल होने के साथ-साथ सार्थक भी होगा।

709 छात्र-छात्रों को डिग्रियां आवंटित की
समारोह की शुरुआत अकादमिक शोभायात्रा से की गई। दीक्षांत समारोह में 11 शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री दी गई। साथ ही 30 मेधावी छात्र, जिन्होंने विभिन्न संकायों में प्रथम स्थान ग्रहण किया, उन्हें गोल्ड मेडल और डिग्री से नवाजा गया। समारोह में कुल 709 छात्र-छात्रों को डिग्रियां आवंटित की गईं।

राष्ट्रपति ने चामुंडा मंदिर में पूजा-अर्चना की
इससे पहले राष्ट्रपति ने प्रसिद्ध शक्तिपीठ चामुंडा मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर के पुजारी ने राष्ट्रपति को मां की चुनरी व प्रसाद भेंट किया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, कुलाधिपति पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. हरमहेंद्र सिंह बेदी भाग ने भाग लिया। राष्ट्रपति शाम को वापस शिमला के छराबड़ा स्थित रिट्रीट लौटेंगी।
