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Debris | Flood | Murari Lal Thakur
वर्षों की मेहनत, त्याग और उम्मीद से पाला एक सपना 30 जून की रात को मलबे में दबकर गुम हो गया। ये सपना था थुनाग बाजार निवासी शिक्षक दंपति मुरारी लाल ठाकुर और उनकी पत्नी रोशनी देवी का। बाढ़ में न सिर्फ उनका घर बह गया , बल्कि ट्रंक में 30 लाख रुपये नकद और गहने जिंदगी भर की जमी पूंजी मलबे में दफन हो गई। मुराली लाल और उनकी पत्नी ने एक प्लॉट देखा था और सौदा 30 लाख में तय हुआ, 7 जुलाई को रजिस्ट्री होनी थी। कुछ रकम दोनों ने वर्षों की मेहनत से जोड़ी थी, बाकी रिश्तेदारों से उधार लिया. बड़ी उम्मीद से ये पैसा एक लोहे के ट्रंक में गहनों के साथ रख दिया, लेकिन 30 जून को बादल फटने के बाद आए भारी सैलाब में मुरारी लाल का घर बनाने का सपना भी मलबे में दब गया.
