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हिमाचल में Doctors सामूहिक अवकाश पर, चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं, बिना इलाज लौट रहे मरीज
IGMC Shimla : हिमाचल में आज डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है। मरीजों को ओपीडी में कोई देखने वाला नहीं है। दूर.दराज क्षेत्रों से लोग इलाज की उम्मीद में सुबह सुबह आईजीएमसी शिमला समेत प्रदेश के दूसरे अस्पतालों में पहुंचे, मगर उन्हें बिना उपचार घर लौटना पड़ा।
हिमाचल में मौसम का मिजाज बदल रहा है तो दूसरी तरफ शिमला स्थित आईजीएमसी अस्पताल के डाॅक्टर की टर्मिनेशन का मामला तूल पकड़ रहा है।@SukhuSukhvinder @jairamthakurbjp @narendramodi @RSSorg @BJP4Himachal @JPNadda #IGMCShimla pic.twitter.com/zOEpzAtY0n
— Himachal Abhi Abhi (@himachal_abhi) December 26, 2025
आईजीएमसी में मरीज से मारपीट करने वाले डॉक्टर को टर्मिनेट करने के बाद तूल पकड़ गया है। एम्स दिल्ली के डॉक्टर भी आईजीएमसी शिमला के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के पक्ष में उतर आए हैं। वहीं हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स भी समर्थन में उतर आई है।
डीडीयू शिमला में ओपीडी सेवा बंद
डीडीयू शिमला में ओपीडी सेवा बंद है, जबकि इमरजेंसी सेवाएं मरीजों को मिल रही हैं। आईजीएमसी शिमला की बात करें तो यहां सिर्फ भी इमरजेंसी सेवाएं चल रही हैं और ओपीडी सेवाएं बंद हैं। जबकि यहां कंसल्टेंट अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
डॉ. राघव को जान से मारने और देश छोड़ने की धमकी
आरडीए के अध्यक्ष डॉ. सोहेल शर्मा का आरोप है कि डॉ. राघव को जान से मारने और देश छोड़ने की धमकी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि यह धमकी नरेश दास्टा नामक व्यक्ति ने दी है। एसोसिएशन ने मांग उठाई कि धमकी मामले में तुरंत एफआइआर दर्ज की जाए। एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि आइजीएमसी परिसर में भीड़ ने डॉक्टरों को धमकाया। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई।
-संजू
