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तीन नगर निगमों में करारी हार के बाद जागी कांग्रेस, कारणों की तलाश के लिए ‘फैक्ट फाइंडिंग कमेटियां’ गठित
Himachal Congress: हिमाचल प्रदेश में मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों के हालिया चुनावों में मिली करारी हार के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस अलर्ट मोड में आ गई है। पार्टी ने हार के कारणों की तह तक जाने और संगठन की कमियों को दूर करने के लिए ‘फैक्ट फाइंडिंग कमेटियों’ (तथ्य अन्वेषण समितियों) का गठन किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) विनोद जिंटा ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
एक सप्ताह में सौंपनी होगी रिपोर्ट
इन विशेष समितियों को संबंधित चुनाव क्षेत्रों (मंडी, धर्मशाला और सोलन) का दौरा करने का निर्देश दिया गया है। कमेटियों के सदस्य जमीनी स्तर पर जाकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे और हार की मुख्य वजहें तलाशेंगे।पार्टी नेतृत्व ने सभी कमेटियों को एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है। इस रिपोर्ट और चुनावी नतीजों के विश्लेषण के आधार पर भविष्य की चुनावी रणनीति तैयार की जाएगी।
तीनों नगर निगमों के लिए गठित कमेटियां
विभिन्न नगर निगमों के लिए अलग-अलग कमेटियां बनाई गई हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है:
धर्मशाला नगर निगम कमेटी: करण सिंह पठानिया (संयोजक),अमित भरमौरी (सदस्य), यशवंत खन्ना (सदस्य),मनमोहन कटोच (सदस्य)
मंडी नगर निगम कमेटी: चेतराम ठाकुर (संयोजक),पवन ठाकुर (सदस्य), हरिकृष्ण हिमराल (सदस्य),सत्यजीत नेगी (सदस्य)
सोलन नगर निगम कमेटी:अमित नंदा (संयोजक), चंद्र शेखर शर्मा (सदस्य),यशपाल तनिक (सदस्य),धर्मेंद्र धामी (सदस्य)
2027 से पहले कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी-गौरतलब है कि 31 मई को घोषित हुए नगर निगम चुनाव परिणामों में सत्तारूढ़ कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
मंडी: 14 सीटों में से कांग्रेस को मात्र 1 सीट मिली।
धर्मशाला: 17 सीटों में से कांग्रेस केवल 5 सीटें जीत सकी।
सोलन: 17 सीटों में से पार्टी को 6 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।
दिसंबर 2027 में प्रस्तावित हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले इन नतीजों को कांग्रेस के लिए एक बड़े झटके और खतरे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यही वजह है कि पार्टी आलाकमान अब जल्द से जल्द इन कमियों की पहचान कर संगठन को दोबारा मजबूत करने की कवायद में जुट गया है।
संजू चौधरी

