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आम आदमी की जेब पर सीधा असर: आज से UPI, PAN और ATM से जुड़े नए नियम हुए लागू
UPI, PAN ,ATM New rules : जून महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी के दैनिक जीवन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अहम नियमों में बड़े बदलाव हो गए हैं। 1 जून से जहां एलपीजी (LPG) सिलेंडर और कारों की कीमतों में बदलाव देखा जा रहा है, वहीं डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग और टैक्स से जुड़े नियमों में भी अहम संशोधन किए गए हैं। यूपीआई (UPI), पैन कार्ड (PAN Card) और एटीएम (ATM) ट्रांजैक्शन से जुड़े ये नए नियम सीधे तौर पर आपकी जेब और लेन-देन के तरीके को प्रभावित करेंगे।
आइए जानते हैं आज से लागू हुए इन प्रमुख बदलावों की पूरी जानकारी:
UPI पेमेंट्स हुए अधिक सुरक्षित: अब दिखेगा असली नाम
डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने और ऑनलाइन धोखाधड़ी (Cyber Fraud) पर लगाम लगाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने एक बड़ा कदम उठाया है।
क्या बदला है: आज से गूगल पे (Google Pay), फोनपे (PhonePe) और पेटीएम (Paytm) जैसे सभी यूपीआई ऐप्स पर पेमेंट करने से पहले लाभार्थी (Beneficiary) का बैंक में रजिस्टर्ड असली नाम (Verified Name) स्क्रीन पर दिखाई देगा।
फायदा: इससे पहले कई बार केवल मोबाइल नंबर, क्यूआर कोड (QR Code) या यूज़र द्वारा बनाए गए नाम के आधार पर गलत व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर होने का खतरा रहता था। अब असली नाम दिखने से अनजाने में होने वाले गलत कैश ट्रांसफर और पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा।
पैन कार्ड (PAN Card) के नियमों में मिली बड़ी राहत
आयकर विभाग से जुड़े पैन कार्ड के नियमों में कुछ राहत और कुछ नई शर्तें जोड़ी गई हैं, जो इस प्रकार हैं:
कैश डिपॉजिट में राहत: पहले एक दिन में ₹50,000 या उससे अधिक नकद जमा करने पर पैन कार्ड दिखाना अनिवार्य था, लेकिन अब बैंक खातों में इस शर्त को हटा दिया गया है।
प्रॉपर्टी लेन-देन: अचल संपत्ति (Property) की खरीद और बिक्री के लिए पैन कार्ड की अनिवार्यता की सीमा को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दिया गया है।
कैश निकासी पर नजर: अगर कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में ₹10 लाख से ज्यादा की नकद निकासी (Cash Withdrawal) करता है, तो अब उस पर पैन रिपोर्टिंग लागू होगी।
ATM ट्रांजैक्शन और बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा असर
कमर्शियल बैंकों ने 1 जून से अपने सर्विस चार्ज मॉडल को अपडेट किया है। इसका सबसे ज्यादा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो एटीएम का अधिक इस्तेमाल करते हैं।
फ्री लिमिट पर सख्ती: कई प्रमुख बैंकों ने एटीएम से मुफ़्त मासिक लेन-देन की सीमा (आमतौर पर 3 से 5 ट्रांजैक्शन) को सख्ती से लागू कर दिया है।
बढ़ेगा शुल्क: इस फ्री लिमिट के खत्म होने के बाद ग्राहकों को न केवल नकद निकासी (Cash Withdrawal) के लिए, बल्कि मिनी-स्टेटमेंट निकालने और बैलेंस चेक करने जैसी सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त चार्ज देना होगा।
अन्य सेवाएं: बैंकों ने नॉन-डॉमेस्टिक ब्रांच सर्विसेज और कैश मैनेजमेंट लिमिट पर भी नए नियम लागू किए हैं, जिससे बैंकिंग सेवाओं के शुल्क में बदलाव आ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये नए नियम जहां एक तरफ डिजिटल लेन-देन को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाएंगे, वहीं एटीएम और बैंकिंग चार्जेस में सख्ती के चलते ग्राहकों को अपने लेन-देन की योजना अधिक सोच-समझकर बनानी होगी ताकि वे अतिरिक्त शुल्क से बच सकें।
पंकज शर्मा

