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हमीरपुर के यशोवर्धन अत्री ने योगासन में विदेशों में गाड़े झंडे, बने युवाओं के प्रेरणास्रोत
International Yoga Day 2026: हिमाचल प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और इसे साबित कर दिखाया है हमीरपुर के 17 वर्षीय यशोवर्धन अत्री ने। पिछले लगभग 9 वर्षों से योगासन के क्षेत्र में कड़ा अभ्यास कर रहे यशोवर्धन ने जिला स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पदक जीतकर अपने माता-पिता, विद्यालय, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। आज वे प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़े प्रेरणा स्रोत बनकर उभर रहे हैं।
प्रतिदिन 3 से 4 घंटे का कड़ा अभ्यास
हमीरपुर के वार्ड नंबर एक के निवासी और हिम अकादमी पब्लिक स्कूल, विकास नगर के 12वीं कक्षा के छात्र यशोवर्धन ने स्कूली गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI), भारत योगासन और योगा फेडरेशन ऑफ इंडिया (YFI) के हर मंच पर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। यशोवर्धन ने बताया कि वे अपने प्रशिक्षकों की देखरेख में प्रतिदिन 3 से 4 घंटे योगासन का कड़ा अभ्यास करते हैं। उनका अगला बड़ा लक्ष्य आगामी एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना है।
स्वर्ण पदकों का ‘पंच’ और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
खेल सत्र 2025–26 यशोवर्धन के लिए उपलब्धियों भरा रहा है। उन्होंने स्टेट स्कूल गेम्स (14–19 आयु वर्ग) में स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही भारत योगासन संबद्ध स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक लगाई और YFI संबद्ध राज्य चैंपियनशिप में भी स्वर्ण हासिल कर एक ही सत्र में पांच स्वर्ण पदकों का शानदार ‘पंच’ पूरा किया। कोलकाता में आयोजित SGFI गेम्स अंडर-19 और विजयवाड़ा में आयोजित छठी जूनियर नेशनल योगासन प्रतियोगिता (अंडर-18) में उन्होंने अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया और फाइनल मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ चार में अपनी जगह बनाई। YFI की 50वीं नेशनल चैंपियनशिप में भी उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।
सिंगापुर में भारत को दिलाया कांस्य
यशोवर्धन की प्रतिभा केवल देश तक सीमित नहीं रही। वर्ष 2025 में सिंगापुर में आयोजित 10वीं एशियाई योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में उन्होंने योगा फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया।
पिता से मिली खेल की प्रेरणा
यशोवर्धन की इस सफलता के पीछे उनके पारिवारिक परिवेश का भी बड़ा हाथ है। उनके पिता नरेंद्र अत्री भी अपने समय के उत्कृष्ट खिलाड़ी रहे हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष के रूप में राज्य में खेलों के विकास में अपना अहम योगदान दे रहे हैं। पिता के मार्गदर्शन और अपनी अटूट मेहनत के बल पर यशोवर्धन अत्री आज प्रदेश भर में योगासन के प्रति जागरूकता बढ़ा रहे हैं।
राहुल
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