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पूर्व सीएम जयराम और उत्तराखंड सरकार ने केंद्र के आगे टेके घुटने, नेगी बोले- हिमाचल के हितों से किया समझौता
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मानसून और संभावित आपदाओं को लेकर सुक्खू सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी बीच, प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पूर्व की जयराम ठाकुर सरकार, उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला है। नेगी ने आरोप लगाया है कि पूर्व बीजेपी सरकार ने हिमाचल के हितों के खिलाफ जाकर केंद्र के सामने घुटने टेक दिए थे। वहीं, उन्होंने प्रदेश में भवन निर्माण को लेकर जल्द ही एक नई नीति लागू करने की भी बात कही है।
केंद्र और पूर्व बीजेपी सरकार पर तीखा प्रहार
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार पर हिमाचल के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र का रवैया हमेशा से उदासीन रहा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पर तंज कसते हुए नेगी ने कहा कि जब उनसे हिमाचल की मदद पर सवाल पूछा गया तो वह इधर-उधर झांकने लगे। नेगी ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से की गई घोषणा को एक साल पूरा होने वाला है, लेकिन धरातल पर अब तक वह पूरी नहीं हुई। अब बीजेपी नेताओं के पास इसका कोई जवाब नहीं है। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए नेगी ने कहा कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू हमेशा हिमाचल के हितों के लिए मुखर रहे हैं, जबकि पूर्व की जयराम सरकार ने केंद्र के आगे सरेंडर कर दिया था। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड की बीजेपी सरकार ने भी केंद्र के आगे घुटने टेके हैं। नेगी ने आरोप लगाया कि जयराम सरकार ने हिमाचल के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को बहुत कम कीमत पर केंद्र को सौंप दिया। डबल इंजन सरकार के नाम पर प्रदेश को कोई नया प्रोजेक्ट नहीं मिला, उल्टा राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ता गया।
आपदा प्रबंधन के लिए सरकार पूरी तरह तैयार
मानसून की तैयारियों पर बात करते हुए जगत सिंह नेगी ने बताया कि राजस्व विभाग ने उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और जल शक्ति विभाग सहित सभी महत्वपूर्ण विभागों को सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।दुर्घटना संभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है।नदियों में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए ड्रेजिंग (गाद निकालने) का काम किया जा रहा है।लैंडस्लाइड (भूस्खलन) वाले क्षेत्रों में नुकसान को कम करने के लिए भी विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
पंचायतों को एक विस्तृत योजना भेजी जाएगी
प्रदेश में सुरक्षित निर्माण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार जल्द ही एक नई पॉलिसी लेकर आ रही है। नेगी ने बताया कि इस मुद्दे पर कैबिनेट सब-कमेटी की बैठकें हो चुकी हैं और हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से भी निर्देश प्राप्त हुए हैं।उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से जल्द ही सभी पंचायतों को एक विस्तृत योजना भेजी जाएगी। इस नई नीति में यह स्पष्ट रूप से तय किया जाएगा किकितनी भूमि पर कितनी मंजिला इमारत का निर्माण किया जा सकेगा।नदी और नालों से भवन निर्माण की दूरी कितनी होनी चाहिए।नेगी ने स्पष्ट किया कि इन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को नई नीति में शामिल कर लिया गया है ताकि भविष्य में आपदाओं के दौरान होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
संजू चौधरी
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