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सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को मिलेगा नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस, AIIMS स्तर के बनेंगे मेडिकल कॉलेज
Himachal News; हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि प्रदेश के सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सकों को अब नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) प्रदान किया जाएगा। यह अहम फैसला स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया।
NPA की बहाली: राज्य के सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को सरकार की ओर से नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस दिया जाएगा।
एम्स (AIIMS) की तर्ज पर विकास: प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को पर्याप्त स्टाफ और अत्याधुनिक उपकरण देकर दिल्ली एम्स के स्तर का बनाया जा रहा है।
3,000 करोड़ का बजट: आधुनिक चिकित्सा मशीनरी और उपकरणों की खरीद पर सरकार 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत: प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है, जिससे मरीजों को बाहरी राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए धन की कोई कमी नहीं
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम सुक्खू ने स्पष्ट किया कि प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस क्षेत्र के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए जो पहल की गई थीं, उनके अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
सीएम खुद करेंगे अस्पतालों का दौरा
सीएम सुक्खू ने बताया कि स्वास्थ्य सुधारों को लेकर सरकार की चिकित्सकों के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। आने वाले महीनों में वह स्वयं प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह सीधे तौर पर चिकित्सकों से संवाद कर स्वास्थ्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण और उसे और बेहतर बनाने की रूपरेखा तैयार करेंगे।
बिना मेडिकल कॉलेज वाले जिलों पर विशेष फोकस
सरकार का ध्यान केवल मेडिकल कॉलेजों तक सीमित नहीं है। सीएम सुक्खू ने बताया कि जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां के क्षेत्रीय और जोनल (Zonal) अस्पतालों की सुविधाओं को भी अपग्रेड किया जा रहा है ताकि हर जिले के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। इसके अलावा, अस्पतालों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया भी लगातार जारी है।
जनसंख्या के आधार पर होगा CHC का वर्गीकरण
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए सीएम सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (CHC) का वर्गीकरण वहां की जनसंख्या के आधार पर किया जाए। इससे वास्तविक आवश्यकता के अनुसार स्टाफ और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी और लोगों को उनके घर-द्वार के नजदीक ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
संजू चौधरी
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