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Cabinet का फैसलाः मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार गारंटी योजना, खुलेंगी हलवाई की दुकानें
शिमला। ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानि मनरेगा (MANREGA) की तर्ज पर सरकार ने नौकरी खो चुके शहरी लोगों को रोजगार गारंटी देने का निर्णय लिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री शहरी रोजगार योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत 54 शहरी निकायों जैसे नगर परिषद, नगर पंचायत व नगर निगम में लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया करवाए जाएंगे। इस योजना के तहत एक साल के लिए 120 दिन का रोजगार (Employment) देने का प्रावधान रखा गया है। इसके लिए 70 करोड़ का बजट रखा गया है। यह फैसला कैबिनेट (Cabinet) की बैठक में लिया गया है। जो लोग बाहरी राज्य से आए हैं और रोजगार खो चुके हैं, उन्हें इस योजना से काफी लाभ होगा।
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इसके अलावा कैबिनेट ने कोरोना लाॅकडाउन के चलते रोजगार खो चुके लोगों के लिए और भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। लोगों के लिए स्किल डेवलपमेंट के लिए एक अभियान छेड़ा जाएगा। साथ ही बाहर से आए जो लोग रोजगार खो चुके हैं। इसमें से कई ऐसे होंगे जो जल्द अपने रोजगार के लिए वापस नहीं जा पाएंगे या फिर जा नहीं पाएंगे। ऐसे लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बड़ी योजना बनाने के निर्देश भी कैबिनेट में दिए गए हैं। इसके अलावा कैबिनेट में आर्थिक मंदी को खत्म करने को लेकर भी चर्चा हुई। कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसके अलावा हिमाचल में हलवाई की दुकानें भी खोलने का निर्णय लिया है। मिठाई व अन्य खाद्य वस्तुएं पैक कर ही दी जा सकेगी। दुकानों में बैठकर लोगों को सर्व नहीं किया जा सकता है।
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