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सीएम सुक्खू सोमवार को कांग्रेस के मार्च में शामिल होंगे ; बोले-गलती सुधारने के बजाय आवाज दबा रही बीजेपी
CM Sukhwinder Singh Sukhu: नई दिल्ली से शिमला लौटे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वोट चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार घबराहट में है, जिसके चलते विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए इंटरनेट बंद करने और रेलवे स्टेशन सील करने जैसे अलोकतांत्रिक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि लोकतंत्र में आंदोलनकारियों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को अपनी गलतियों को सुधारना चाहिए।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर होगा मार्च
सीएमसुक्खू ने कि कांग्रेस पार्टी द्वारा वोट चोरी के मामले में चलाए जा रहे विरोध प्रदर्शन के तहत आगामी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला जाएगा, जिसमें वह खुद भी सक्रिय रूप से शामिल होंगे साथ ही कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस विधायक और कार्यकर्ता शामिल होंगे। पिछले दो दिनों से सीएम सुक्खू दिल्ली में इस आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों में लगातार हिस्सा ले रहे हैं।
युवाओं के सड़कों पर उतरने की वजह
आजादी के बाद देश में स्थापित लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान का जिक्र करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि नागरिकों को मतदान का मौलिक अधिकार मिला है, जिससे वे अपनी पसंद की सरकार चुनते हैं। उन्होंने कहा कि जब इसी मताधिकार को छीनने या वोट चोरी की आशंका जैसी स्थितियां बनती हैं, तो देश का युवा स्वाभाविक रूप से विरोध दर्ज कराने सड़कों पर उतरता है। ऐसे में उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर प्रतिबंध लगाना और रोकटोक करना पूरी तरह अनुचित है।
हिमाचल सरकार का उदाहरण
अपनी सरकार का पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी विभिन्न मुद्दों पर अक्सर आंदोलन होते हैं, लेकिन उनकी सरकार ने कभी भी आंदोलनकारियों को अपनी बात रखने से नहीं रोका। लोकतंत्र में असहमति और विरोध प्रदर्शन के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए। सरकारों का यह दायित्व है कि वे आंदोलनों को दबाने की कोशिश करने के बजाय उनके पीछे छिपे असल मुद्दों पर विचार करें।
जनता ही तय करती है अंतिम फैसला
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने अंत में कहा कि कांग्रेस के नेता संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं। राजनीतिक लड़ाई में जनता को जागरूक करना आवश्यक है, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा जनता का ही होता है। चुनाव के समय मतदाता अपने मताधिकार के जरिए राजनीतिक दलों और सरकारों को उनका जवाब देते हैं।
संजू चौधरी
